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गोवा: इतने 'फूल' नहीं खिले, जितने मोदी के फोटो हैं

Fri, 07 Jun 2013 09:45 PM IST
गोवा/ब्यूरो
गोवा/ब्यूरो Updated Fri, 07 Jun 2013 09:45 PM IST
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BJP National Executive meeting in Goa

मानसून की बारिश से भीग रहा गोवा अब मोदीमय हो गया है। वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी खेमे के विरोध के बावजूद पार्टी का बड़ा खेमा अब भी ‘नमो-नमो (नरेंद्र मोदी) का जाप कर रहा है।

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गोवा में ‘कमल’ के बाद मोदी के कटआउट सबसे ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी शनिवार और रविवार को यहां विचार-मंथन करेगी।
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भाजपा के 2002 के गोवा सम्मेलन में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मोदी को राजधर्म निभाने की सलाह दी थी।

तब माना जा रहा था कि मोदी की गुजरात की कुर्सी चली जाएगी, लेकिन तब लालकृष्ण आडवाणी मोदी के पक्ष में खड़े हो गए थे और मोदी अपना सिंहासन बचाने में कामयाब रहे थे।
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इन 11 वर्षों में गोवा भी बदल गया और भाजपा के राजनीति समीकरण भी।

अब आडवाणी मोदी की राह रोकते दिख रहे हैं। बहरहाल, मोदी पहले ही गोवा पहुंच चुके हैं। वे अपने अंदाज में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं।

उनके अंदाज से साफ है कि वे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं।

गोवा में वैसे तो अस्वस्थ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कटआउट भी दिख रहे हैं, लेकिन पार्टी नेताओं के कटआउट और बैनरों में सबसे ज्यादा मोदी ही दिख रहे हैं।

बहरहाल, शनिवार से शुरू हो रही बैठक के दौरान कांग्रेस और यूपीए सरकार ही भाजपा के खास निशाने पर रहेगी। सम्मेलन में भाजपा दो प्रस्ताव लाने जा रही है।

पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार और कुशासन से जनता को राहत दिलाने की रणनीति बनाने के लिए ही भाजपा दो दिन तक सम्मेलन कर रही है।


इस सम्मेलन में दो प्रस्ताव पेश होंगे। राजनीतिक प्रस्ताव में यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, घोटालों से लेकर देश की बदहाल अर्थव्यवस्था का जिक्र होगा, जबकि दूसरा प्रस्ताव देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा पर होगा।

इसमें नक्सलवाद से लेकर चीन व पाकिस्तान की सीमाओं पर घटित ताजा घटनाओं से लेकर आतंकवाद के खतरों तक का जिक्र होगा।

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