'एफटीआईआई का अंतरिम अध्यक्ष बनने के लिए था तैयार'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार चुनाव के दौरान लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रुख अपनाए बैठे भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के तेवर अब बदल गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डैशिंग (साहसी) और डायनेमिक (गतिशील) नेता बताते हुए उनकी खूब तारीफ की है।
दूसरी और उन्होंने खुलासा किया है कि वह भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के अंतरिम अध्यक्ष का पद स्वीकार करने के लिए तैयार थे। यही नहीं, उन्होंने विरोध कर रहे छात्रों के साथ गतिरोध समाप्त करने के लिए संस्थान के वर्तमान अध्यक्ष गजेंद्र चौहान से पद छोड़ने का आग्रह भी किया था।
पुणे के सिंबॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में बृहस्पतिवार की देर रात ‘एनिथिंग बट खामोश’ परिचर्चा में सिन्हा ने कहा कि वर्तमान में देश की सुरक्षा और एकता को खतरा है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में हमें प्रधानमंत्री का समर्थन करना चाहिए।
गजेंद्र को इस्तीफा देने के लिए कहा था
उन्होंने कहा कि इस उथल-पुथल से निपटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का हाथ
मजबूत करना चाहिए। राजनीतिक गलियारे में बिहारी बाबू के अचानक बदले तेवर के
मायने निकाले जाने लगे हैं। शत्रुघ्न एफटीआईआई के पूर्व छात्र रह चुके
हैं। उन्होंने कहा कि गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के खिलाफ छात्रों के विरोध
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, नगमा और राज बब्बर जैसे कांग्रेस नेताओं
ने एफटीआईआई का दौरा किया और राष्ट्रपति से इस संबंध में मुलाकात भी की।
इसलिए हमारे कुछ नेताओं ने इसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं समझा और सरकार
के लिए यह प्रतिष्ठा का विषय बन गया। उन्होंने कहा मैंने गतिरोध खत्म करने
के लिए गजेंद्र चौहान से इस्तीफा देने का अनुरोध किया था लेकिन ऐसा नहीं
हुआ और पूरा मुद्दा भ्रम की स्थिति में पहुंच गया।
सिन्हा ने एफटीआईआई के
निदेशक प्रशांत पथराबे की शिकायत पर पिछले साल अगस्त में आधी रात को
छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी की निंदा की।