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'भाजपा में चल रही है मोदी को हटाने की साजिश'

Wed, 25 Nov 2015 11:12 AM IST
Updated Wed, 25 Nov 2015 11:12 AM IST
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BJP MP Ravindra Kushwaha targets some union ministers are ignoring MPs.

बिहार के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बाद यूपी के सलेमपुर के भाजपा सांसद रवींद्र कुशवाहा ने भी दल के मंत्रियों के खिलाफ बगावती तेवर दिखाते हुए उन्हें सामंतवादी बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा में अंदर ही अंदर मोदी जैसे ईमानदार नेता को भी हटाने की साजिश रची जा रही है।

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कुशवाहा ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को सामंतवादी करार देते हुए कहा कि सोमवार को मॉडल रेलवे स्टेशन पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु के कार्यक्रम में कई भाजपा नेताओं की उपेक्षा की गई। रेलमंत्री के साथ रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा भी थे। वह देश के नहीं, बल्कि केवल गाजीपुर के मंत्री बनकर रह गए हैं।
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कुशवाहा ने आरोप लगाया कि हम पिछड़े वर्ग से आते हैं। इसके चलते न तो हमें कार्यक्रम में कोई तरजीह दी गई और न ही हमारा तथा घोसी के भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर का नाम ही कहीं लिया गया। रेल राज्यमंत्री के कहने पर मॉडल रेलवे स्टेशन पर लगे शिलापट्ट पर सांसद भरत सिंह और सांसद नीरज शेखर का नाम लिखवाया गया था। भाजपा की सरकार में यह मंत्री सामंतवादी तरीके से काम कर रहे हैं।

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'भाजपा के कई मंत्री सामंतवादी'

BJP MP Ravindra Kushwaha targets some union ministers are ignoring MPs.

भाजपा सांसद रवींद्र कुशवाहा ने कहा कि रेल राज्यमंत्री से कई बार एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। भाजपा के अधिकांश मंत्रियों द्वारा पिछड़े तबके के सांसदों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जा रहा है। जिनकी संख्या पूरे देश में करीब 70 से अधिक है।

उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो सामंतवाद को बढ़ावा देने वाले मंत्री मोदी को ले डूबेंगे। मोदी भी पिछड़ी जाति के हैं, ऐसे में उन्हें हटाने की साजिश रची जा रही है।

कुशवाहा ने कहा कि हम मोदी के विकास के नारे पर जीते। लेकिन अब संघ के भागवत सरीखे लोग सरकार चलाना चाह रहे हैं। केंद्रीय अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत बलिया आए थे। उन्हें भी अपने क्षेत्र में बुलाया, लेकिन वह नहीं आए। इसी तरह से मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी भी बेल्थरारोड में बने केंद्रीय विद्यालय के लोकार्पण के लिए कहकर नहीं आई। भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों की कथनी करनी में अंतर साफ झलक रहा है।

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