फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   BJP MLA and two mp Convicted in sitamadi police firing matter

17 साल पुराने केस में BJP विधायक समेत 15 दोषी

Tue, 02 Jun 2015 09:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटना सीतामढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, पटना सीतामढ़ी Updated Tue, 02 Jun 2015 09:31 PM IST
विज्ञापन
BJP MLA and two mp Convicted in sitamadi police firing matter

अदालत ने 17 वर्ष पूर्व जिला कलेक्ट्रेट में हुई पुलिस फायरिंग और पांच लोगों की मौत से जुड़े मामले में मंगलवार को भाजपा विधायक और दो पूर्व सांसदों समेत 15 लोगों को दोषी ठहराया है। सुनवाई के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। सजा का ऐलान चार जून को होगा।

विज्ञापन


दोषी करार दिए गए लोगों में पूर्व सांसद नवल राय (जदयू) एवं अनवारुल हक (राजद), भाजपा के सीतामढ़ी, परिहार विधानसभा के विधायक रामनरेश यादव, शिवहर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष मो. असद, राजद नेता मनोज कुमार और मोहन सिंह प्रमुख हैं। इस मामले में कुल 72 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से 60 के खिलाफ आरोप गठन किया गया था।
विज्ञापन


गत 21 मई को जज मोहम्मद इरशाद अली ने मामले की अंतिम सुनवाई कर फैसले की तिथि दो जून तय की थी। अदालत ने मंगलवार को 15 लोगों को हत्या के प्रयास, जानबूझ कर खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने, दंगा फैलाने समेत कई धाराओं में दोषी करार दिया। 45 लोगों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या हुआ था 17 साल पहले

BJP MLA and two mp Convicted in sitamadi police firing matter

यह घटना 11 अगस्त, 1998 की है। दोषी करार दिए गए नेताओं के नेतृत्व में बाढ़ पीड़ित सीतामढ़ी कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। इस बीच उनका प्रदर्शन उग्र हो गया। उन्होंने सरकारी कार्यालय में तोड़फोड़ और पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान वहां काम कर रहे कर्मचारियों पर हमला किया गया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी।

इसमें पूर्व विधायक रामचरित्र राय, डॉ अयूब, मोनिफ अंसारी, महंत मंडल व रामपरी देवी समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। तत्कालीन डीएम रामनंदन प्रसाद और पुलिस अधीक्षक परेश सक्सेना ने डुमरा पुलिस थाने में आरोपियों पर लोगों को भड़काने का मामला दर्ज कराया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed