{"_id":"06f4d7c0-d391-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"bjp-may-contest-lok-sabha-election-without-jd-u","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार में 'एकला चलो' के लिए तैयार है भाजपा","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
बिहार में 'एकला चलो' के लिए तैयार है भाजपा
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2013 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरेंद्र मोदी पर जदयू से बढ़ी खींचतान के बाद अब भाजपा भी बिहार में ‘एकला चलो’ के लिए तैयार होने लगी है।
विज्ञापन
मोदी को लेकर भाजपा अब अपने बढ़े कदम किसी भी सूरत में पीछे खींचने को तैयार नहीं है। भाजपा मानने लगी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब अलग राह पकड़ सकते हैं, लेकिन पार्टी जदयू से गठबंधन टूटने का ठीकरा अपने सिर फूटने से बचा रही है।
इसलिए भाजपा की नजर अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले पर टिकी है। हालांकि मोदी को लेकर जदयू नेताओं की तीखी बयानबाजी से नाराज भाजपा ने भी आंखें दिखानी शुरू कर दी हैं।
विज्ञापन
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मोदी आज देश की सच्चाई हैं, सुशासन और विकास का प्रतीक हैं। इसे कोई चाहे तो आंख बंद करके या आंख खोल कर माने। लेकिन इस सच्चाई को स्वीकार करना ही होगा।
विज्ञापन
साफ है कि भाजपा अब किसी भी कीमत पर मोदी को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है। भाजपा ने अपने ‘भीष्म पितामह’ लालकृष्ण आडवाणी के बाद अब नीतीश को भी यही संदेश दे दिया है।
मोदी को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपने के बाद जदयू के साथ उठे इस सियासी बवाल में भी भाजपा का एक बड़ा वर्ग आडवाणी खेमे पर शक जता रहा रहा है।
भाजपा का मानना है कि मोदी ही पार्टी को वोट दिला सकते हैं। पार्टी की उम्मीद इसी बात पर टिकी है कि यदि मोदी के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में 180 से 200 तक सीटें मिल जाती हैं तो जदयू समेत तीसरा मोर्चा का राग अलाप रहे दल एनडीए के पाले में आ जाएंगे।
इधर, जदयू के दिल्ली सम्मेलन के बाद से ही भाजपा मान चुकी है कि यह गठबंधन देर सवेर टूट सकता है, इसलिए पार्टी ने तभी से बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों पर अकेले लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी।
पार्टी मानती है कि जदयू से गठबंधन टूटने पर दोनों दलों को नुकसान होगा और आगामी लोकसभा चुनाव के विजय रथ की रफ्तार पर असर पड़ेगा। इसलिए भाजपा की कोशिश है कि गठबंधन टूटने का आरोप नीतीश पर ही जाए।
पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार की साढे़ दस करोड़ की जनता के हित और सुशासन के लिए यह गठबंधन किया गया है। लोगों ने भी गठबंधन सरकार चलाने के लिए मतदान किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा तोड़ने बाली नहीं बल्कि जोड़ने वाली पार्टी है।