खींचतान के चलते लटका भाजपा का घोषणापत्र
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अंदरूनी खींचतान के चलते भाजपा का चुनावी घोषणापत्र अब सात अप्रैल को जारी होगा।
पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी इसे जारी करेंगे, लेकिन घमासान के चलते अभी तक यह सुनिश्चित नहीं हो पाया है कि इसे जारी करने के समारोह में पार्टी के पितामह लालकृष्ण आडवाणी शिरकत करेंगे कि नहीं।
घोषणापत्र की इस देरी के लिए पार्टी के भीतर स्वदेशी व नव उदारवाद को लेकर जारी अंदरूनी विचार संघर्ष को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
शुक्रवार को जारी होगा घोषणापत्र
मोदी नव उदारवादी आर्थिक नीतियों के समर्थक हैं, जबकि घोषणा पत्र तैयार करने वाली कमेटी के चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी स्वदेशी के प्रबल पक्षधर रहे हैं।
यूपीए सरकार के खिलाफ तैयार चार्जशीट को रवि शंकर प्रसाद शुक्रवार को जारी करेंगे। जबकि जोरशोर से विजन डॉक्यूमेंट-2025 लाने की आवाज बुलंद करने वाली पार्टी ने इसको लेकर चुप्पी साध ली है।
घोषणापत्र में हुई देरी पर पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन की दलील है कि इसे छह अप्रैल का जारी करने की योजना थी, लेकिन सभी वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रम व समय देखने के बाद ही सात अप्रैल की जारी करने का फैसला किया गया।
पार्टी की माथापच्ची
भाजपा प्रवक्ता जो भी दावे करें, लेकिन सूत्रों के अनुसार घोषणापत्र तैयार करने वाली कमेटी के चेयरमैन डा. मुरली मनोहर जोशी का वाराणसी से टिकट कट जाने से वे नाराज हो गये।
नतीजतन घोषणा पत्र को समय पर अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। साथ ही नेताओं को आमंत्रित करने पर भी पार्टी को माथापच्ची करनी पड़ रही है।
भाजपा वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को लेकर सबसे ज्यादा संकट में है। पार्टी ने एक बार यह भी सोचा कि विवाद खत्म करने के लिए घोषणापत्र कमेटी के चेयरमैन डा. जोशी से ही इसे जारी करा लिया जाए। अब मोदी की सात अप्रैल को दिल्ली में चुनावी रैली भी है। घोषणापत्र को भाजपा इस बार संकल्पपत्र के तौर पर पेश करेगी।
वैसे पार्टी नेता विजय गोयल ने कहा कि चुनाव घोेषणापत्र तो वही है, जो मोदी अब तक बोल चुके हैं अथवा बोल रहे हैं। अब जारी करने की औपचारिकता बाकी है।