अलगाववादी नेताओं को साधने में खुद जुटे थे भाजपा नेता
जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज से मिलने से रोकने के अंतिम प्रयास के रूप में भाजपा उन्हें अलग-अलग साधने में जुटी रही। सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की राजनीति से जुडे़ भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने पाक उच्चायोग जाने से रोकने के लिए हुर्रियत नेताओं को फोन कर खुद समझाने का प्रयास किया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी अलगाववादी नेताओं को कड़ा संदेश देते हुए उन्हें पाक उच्चायोग जाने से मना किया था। बावजूद इसके हुर्रियत नेताओं ने अपना निर्णय नहीं बदला।
हुर्रियत नेताओं ने भी इस बात की पुष्टि की कि भाजपा नेताओं ने उनसे संपर्क किया। भाजपा इस कोशिश में लगी थी कि हुर्रियत नेता खुद पाकिस्तानी उच्चायोग के बुलावे से इनकार कर दें।
लेकिन नहीं हुई वार्ता
इस बीच, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद अपने सियासी नफे
नुकसान को देखते हुए हुर्रियत नेताओं के खिलाफ खुद कोई कठोर कदम उठाने के
पक्ष में नहीं दिखे।
बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने मत से केंद्र सरकार
को अवगत करा दिया था। बावजूद इसके उन पर इस बात का दबाव था कि वह अलगाववादी
नेताओं को सूबे से बाहर न निकलने दें। हालांकि आतंकवाद के मुद्दे पर खुद
को घिरता देख पाकिस्तान देर रात वार्ता से पीछे हट गया।