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रूठे 'पितामह' को मनाने में जुटे भाजपा नेता
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 15 Sep 2013 11:31 AM IST
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भाजपा के ‘पितामह’ लालकृष्ण आडवाणी एक बार फिर से कोपभवन में हैं। प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के लिए नरेंद्र मोदी के नाम के ऐलान से आडवाणी नाराज बताए जा रहे हैं। उनकी नाराजगी से पार्टी नेतृत्व आशंकित है।
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पार्टी को डर है कि वह कहीं कोई और लेटर बम न फोड़ दें, जिससे विरोधियों के हाथ पार्टी के खिलाफ सियासी बारूद मुहैया हो जाए। इसको देखते हुए पार्टी उनके मान मनोव्वल में जुटे हुए हैं।
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शनिवार को आडवाणी को मनाने के लिए उनके घर पर पार्टी नेताओं का जमघट लगा रहा। मान मनोव्वल के साथ ही पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह मोदी के सवाल पर आडवाणी दबाव में नही आएगी।
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आडवाणी के मौजूदा रुख से भाजपा में उनके प्रति भारी नाराजगी है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता आपसी बातचीत में उनके रवैये को गलत ठहरा रहे हैं।
पार्टी आडवाणी के सामने झुकने को तैयार नहीं
दरअसल, भाजपा में नेतृत्व का मुद्दा लगभग एक दशक बाद सुलझ पाया है। अब तक अटल-आडवाणी के बाद कौन का सवाल सामने आ जाता था। लेकिन शुक्रवार को पार्टी ने मोदी को आगे कर नया नेतृत्व पेश किया। अब पार्टी आडवाणी के सामने झुकने को तैयार नहीं है।
राजनाथ ने इसके संकेत भी दे दिए हैं। वे आडवाणी के फैसले से आहत महसूस कर रहे हैं। राजनाथ ने मोदी के नाम का ऐलान करने के बाद आडवाणी को मनाने की कोशिश भी नहीं की। वे शनिवार को मुंबई चले गए। विवाद पर विराम देने के मकसद से मोदी शुक्रवार को ही आडवाणी से मिलकर उनका आशीर्वाद ले चुके थे।
शनिवार को लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, अनंत कुमार, रविशंकर प्रसाद, बलबीर पुंज समेत अन्य नेता आडवाणी के दर्द पर मरहम लगाने उनके निवास पहुंचे। मुलाकात के बाद सुषमा ने दावा किया कि भाजपा में कोई खफा नहीं है।
उन्होंने इस बात से भी इंकार किया कि राजनाथ को लिखे आडवाणी के पत्र के बारे में कोई चर्चा की गई। सुषमा और अनंत कुमार को आडवाणी कैंप का ही माना जाता है। बहरहाल, भाजपा में अब यह आम राय बन गई है कि आडवाणी को अब ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाए।
अलबत्ता, पार्टी की कोशिश यही है कि आडवाणी ऐसा कोई कदम न उठाए जिससे कांग्रेस समेत विरोधियों को चुनावी साल में सियासी लाभ हो। पार्टी इस बात से भी आशंकित है कि आडवाणी के बागी होने पर देशभर में संदेश जाएगा कि पार्टी गुटबाजी के चलते अब भी बिखरी हुई है।