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अखिलेश के खिलाफ टिप्पणी पर BJP नेता को जेल

Sat, 02 May 2015 09:11 AM IST
Updated Sat, 02 May 2015 09:11 AM IST
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BJP leader jailed on against CM remarks of facebook

फर्जी आईडी बनाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना बरखेड़ा कस्बे के ठाकुरद्वारा निवासी भाजपा नगर अध्यक्ष अमित कुशवाह को महंगा पड़ गया। पुलिस ने शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार कर कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया जहां से अदालत ने उन्हें 15 मई तक के लिए जेल भेज दिया।

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21 अप्रैल को थाना सुनगढ़ी के मोहल्ला नखासा निवासी चंदन वाल्मीकि ने बरखेड़ा थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि अमित कुशवाह ने मुख्यमंत्री के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी की है। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट धारा 501, 505, 1 (ग) के तहत दर्ज की थी।
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एसओ दलवीर सिंह ने बताया कि जब मामले की जांच की गई तो पाया गया कि आरोपी कस्बे के ही रहने वाले परशुराम के नाम का सिम लेकर उससे फेसबुक अकाउंट बनाकर इस्तेमाल कर रहा था।
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पुलिस जांच में यह भी पता चला कि अमित ने जिस परशुराम के नाम का सिम लिया है वह कई महीनों से हरियाणा में रहकर मजदूरी कर रहा है। जांच में इस बात की पुष्टि होने पर दर्ज रिपोर्ट को धारा 420 व 504 में तरमीम कर दिया गया।

पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में की गिरफ्तारी

BJP leader jailed on against CM remarks of facebook

शुक्रवार को भाजपा नेता की गिरफ्तारी के पूर्व एएसपी सुधीर कुमार सिंह व सीओ बीसलपुर पीएसी के साथ थाने पहुंचे। फोर्स के पहुंचने के बाद पुलिस ने भाजपा नेता को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें एसीजेएम मनोज कुमार सिंह की कोर्ट में पेश किया गया जहां उनकी जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया गया।

वहीं एसपी जेके शाही का कहना है कि भाजपा नेता अमित कुशवाहा को आईटी एक्ट अथवा मुख्यमंत्री पर किसी तरह की कोई टिप्पणी के तहत नहीं बल्कि फर्जी आईडी पर सिम लेकर व फेसबुक अकाउंट बना समुदाय विशेष पर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर धारा 420 के तहत गिरफ्तार किया गया है।

सत्ता के दबाव में भेजा गया जेल
वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार का कहना है कि सुप्रीमकोर्ट ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगी रोक हटा ली है। पुलिस प्रशासन जिस परशुराम के नाम की आईडी लगाने को फर्जी बता रहा है उसने कोई शिकायत नहीं की है। भाजपा नगर अध्यक्ष ने कोई अपराध नहीं किया है। इसके बावजूद सत्ता के दबाव में उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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