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वर्चस्व की खुली जंग: आपस में ही लड़े जा रहे भाजपा के नेता

Mon, 14 Sep 2015 08:44 AM IST
Updated Mon, 14 Sep 2015 08:44 AM IST
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आगरा में महापंचायत को लेकर भाजपा में छिड़ी ‘महाभारत’ का बृजक्षेत्र कार्यालय रविवार को ‘कुरुक्षेत्र’ बन गया। अनुशासित कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करने का दंभ भरने वाली भाजपा के दो धड़े एक-दूसरे के खिलाफ आमने-सामने हैं। सांसद चौधरी बाबूलाल और जिला महामंत्री ऋषि उपाध्याय प्रकरण को लेकर तीन घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला।

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प्रदेश महामंत्री के समक्ष दोनों ने एक-दूसरे पर संगठन को बर्बाद करने का आरोप लगाया। वहीं, बाबूलाल ने सैकड़ों समर्थकों के साथ जांच अधिकारी के समक्ष पहुंचकर अपना शक्ति प्रदर्शन भी किया। बता दें कि शुक्रवार को जिला जेल के बाहर सांसद चौधरी बाबूलाल के समर्थकों ने जिला महामंत्री ऋषि उपाध्याय के साथ मारपीट कर दी थी।
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इस मामले में रविवार को प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री धर्मपाल जांच के लिए जयपुर हाउस स्थित बृजक्षेत्र कार्यालय पहुंचे। हालांकि प्रदेश सहप्रभारी सांसद रमेश बिधुड़ी को भी आना था, लेकिन वह किसी कारणवश नहीं आ सके। दोपहर लगभग ढाई बजे धर्मपाल ने सबसे पहले जिलाध्यक्ष अशोक राना को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया।

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दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संगठन विरोधी होने का आरोप लगाया

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दोपहर लगभग ढाई बजे धर्मपाल ने सबसे पहले जिलाध्यक्ष अशोक राना को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया। उनके साथ महामंत्री प्रेमचंद कुशवाह, राणा प्रताप सिकरवार, रामकुमार शर्मा, अरुण पचौरी, सत्य प्रकाश लोधी भी ने भी अपने बयान दर्ज कराए।

धर्मपाल जब वादी अशोक राना का पक्ष सुन रहे थे, इसी बीच सांसद चौधरी बाबूलाल अपने लगभग तीन-चार सौ समर्थकों के साथ कार्यालय पर पहुंच गए। बंद कमरे में अशोक राना का पक्ष सुनने के बाद प्रदेश महामंत्री ने बाबूलाल को बुलाया। उनके अलावा प्रदेश मंत्री रामप्रताप सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष अशोक अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर कहरवार, बृजक्षेत्र उपाध्यक्ष महेश बघेल, प्रदीप भाटी, मधुसूदन शर्मा, हेमा परिहार, प्रशांत पौनिया, सोनू चौधरी से भी धर्मपाल ने इस मामले में बातचीत की।

लगभग पौन तीन घंटे तक बंद कमरे में दोनों पक्षों और उनके समर्थकों का पक्ष सुनने के बाद धर्मपाल कार्यालय के हॉल में आ गए। यहां बाबूलाल के समर्थकों ने बाबूलाल जिंदाबाद के जमकर नारे लगाए। सूत्रों की मानें तो दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संगठन विरोधी होने का आरोप लगाया है। वहीं, दोनों ने एक-दूसरे के साथ काम न कर पाने की बात भी कही है।

टकराव की आशंका से बढ़ी रही धड़कन

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प्रकरण के मुख्य वादी जिला महामंत्री ऋषि उपाध्याय अपना पक्ष रखने के लिए बृजक्षेत्र कार्यालय नहीं पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि ऋषि के परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका के चलते उन्हें बृजक्षेत्र कार्यालय नहीं जाने दिया। इस पर प्रदेश महामंत्री धर्मपाल कार्यालय पर सुनवाई करने के बाद खुद ही उनके घर पहुंच गए। उन्होंने वहीं पर जिला महामंत्री का पक्ष सुना।

कुरुक्षेत्र बने बृजक्षेत्र कार्यालय पर अशोक राना और सांसद समर्थकों के बीच टकराव की आशंका के चलते बृजक्षेत्र पदाधिकारियों के धड़कन बढ़ी रहीं। सुनवाई के बाद जब तक अशोक राना समर्थकों के साथ कार्यालय से चले नहीं गए तब तक पदाधिकारी बाहर ही चक्कर काटते रहे।

बाबूलाल के समर्थकों ने रविवार सुबह से ही जयपुर हाउस स्थित उनके निवास पर डेरा डाल दिया था। लगभग पांच-छह सौ की संख्या में समर्थक पहुंच गए थे। जब तक बृजक्षेत्र कार्यालय पर सुनवाई पूरी नहीं हो गई तब तक वह वहीं जमे रहे। इनमें से तीन-चार सौ कार्यकर्ता तो कार्यालय भी पहुंचे थे।

बर्खास्त हो जिला कार्यकारिणी

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चौ. बाबूलाल, सांसद, फतेहपुर सीकरी क्षेत्र ने बताया कि वर्तमान जिला संगठन के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। सभी से बदतमीजी की जाती है। कार्यकर्ता तो छोड़िए, हमें भी कार्यक्रमों की सूचना नहीं दी जाती। जहां तक जेल वाली घटना की बात है। वह सिर्फ कार्यकर्ताओं के फोटो खिंचवाने को लेकर हुई। जिला संगठन को सिर्फ तीन लोग चला रहे हैं।

जिला पंचायत चुनाव के लिए सपा-बसपा की भर्ती की जा रही है। वह भी पैसे लेकर। यह सब एक कैबिनेट मंत्री के इशारे पर हो रहा है। उनके परिवार का सदस्य जिला पंचायत चेयरमैन का चुनाव लड़ेगा। यह वही लॉबी है। जिला कार्यकारिणी को बर्खास्त कर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इन्होंने झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की।

आखिरकार क्या अदावत थी जो जिला महामंत्री ऋषि उपाध्याय के साथ मारपीट की गई। जिला जेल से बाहर निकलते ही उनके इशारे पर मारपीट की गई। वह चाहते हैं कि संगठन उनके इशारे पर चले, मगर ऐसा नहीं हो सकता। पार्टी के हिसाब से उन्हें काम करना होगा न कि पार्टी को उनके हिसाब से। रही बात जिला जेल के बाहर हुई घटना की तो अखबारों में छपी फोटो देख लीजिए। कौन पीट रहा है और कौन बचा रहा है। सांसद और प्रदेश मंत्री के खिलाफ कानून कार्रवाई के साथ-साथ पार्टी स्तर पर कार्रवाई होनी चाहिए। नहीं तो कल कोई और कार्यकर्ता पिटेगा।

ऋषि उपाध्याय, जिला महामंत्री, भाजपा ने बताया कि यह कोई सामान्य विवाद नहीं था। मेरे ऊपर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया है। इनके साथ मेरा काम करना मुश्किल है। यह संगठन निर्णय ले कि पार्टी गुंडों से काम करना चाहती है या फिर मेरे जैसे उन अनुशासित कार्यकर्ताओं से जो आरएसएस की शाखाओं में संस्कारवान बने हैं। इनके खिलाफ पार्टी स्तर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

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