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जेपीसी में पीएम को बुलाने पर अब भी अड़ी भाजपा
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Mon, 22 Oct 2012 11:00 PM IST
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भाजपा ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को गवाह के तौर पर बुलाने की मांग दोहराई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाको को सोमवार को एक और पत्र भेजकर यह मांग दोहराई। उन्होंने चाको से गवाहों की सूची को अंतिम रूप देने और इसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम को शामिल करने की मांग दोहराई।
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उन्होंने कहा कि चाको ने लोकसभा की कार्यवाही के संचालन के लिए बने नियमों में से नियम 261 का हवाला दिया है। इसमें व्यवस्था है कि समिति बहुमत के फैसले के आधार पर काम करेगी। सिन्हा ने कहा कि चाको ने अभी तक गवाहों की सूची को अंतिम रूप नहीं दिया है, जिन्हें जेपीसी के समक्ष गवाही के लिए बुलाया जाना है। स्वयं उन्होंने इससे पहले कभी भी नियम 261 का हवाला नही दिया और वोट की नौबत नही आई।
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उन्होंने भरोसा जताया कि चाको उनकी मांग को मान लेंगे क्योंकि संसद और उसकी समितियां महज बहुमत के आधार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा नही दे सकती हैं। भाजपा के सदस्यों ने अपनी मांग नहीं माने जाने के विरोध में जेपीसी की पिछली तीन बैठकों का बहिष्कार किया है। भाजपा का तर्क है कि प्रधानमंत्री खुद 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के बारे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट की समीक्षा करने वाली संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष पेश होने की पेशकश कर चुके हैं तो उन्हें जेपीसी के समक्ष पेश होने में क्या दिक्कत है।
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