फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   BJP has made corruption strategy

भ्रष्टाचार पर घिरी भाजपा ने की कांग्रेस की घेराबंदी, बनायी रणनीति

Thu, 23 Jul 2015 02:14 AM IST
Updated Thu, 23 Jul 2015 02:14 AM IST
विज्ञापन
BJP has made corruption strategy

ललित गेट और व्यापम घोटाले में बुरी तरह घिरी भाजपा ने भ्रष्टाचार के मसले पर कांग्रेस की घेराबंदी शुरू कर दी है। गैर राजग शासित राज्यों के भ्रष्टाचार के सहारे सियासी भंवर से बाहर आने की रणनीति के तहत भाजपा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को पहला शिकार बनाया है।

विज्ञापन


पार्टी ने बुधवार को एक स्टिंग का वीडियो जारी कर रावत पर आबकारी नियमों में बदलाव करने और अपने निजी सचिव के माध्यम से शराब का लाइसेंस बांटने में लूट का आरोप लगाया है।
विज्ञापन


इस वीडियो में कथित तौर पर सीएम के निजी सचिव मोहम्मद शाहिद को शराब कारोबारियों से लाइसेंस देने के लिए मोलभाव करते हुए दिखाया गया है।

वह शराब लाइसेंस के बदले रकम और भुगतान की जगह के बारे में भी लगातार सवाल करते दिख रहे हैं। स्टिंग को मानसून सत्र में सरकार और भाजपा के खिलाफ हमलावर कांग्रेस के लिए सियासी तौर पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जारी किया हरीश सरकार का स्टिंग

BJP has made corruption strategy

केंद्रीय वाणिज्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) निर्मला सीतारमण ने कहा कि स्टिंग से साफ हो गया है कि सीएम रावत अपने पीएस के माध्यम से शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचा रहे हैं। उन्होंने इसके लिए आबकारी नियमों में जानबूझ कर बदलाव किया।

पार्टी ने कांग्रेस नेतृत्व से तत्काल रावत को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की है। बकौल सीतारमण स्टिंग ऑपरेशन एक एनजीओ से जुड़े पत्रकार ने देहरादून में बीते 60 दिनों में किया है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में व्यापम, ललित गेट और छत्तीसगढ़ में पीडीएस में चावल घोटाले के मामले में विपक्ष के हमलों का सामना कर रही भाजपा ने गैर राजग शासित राज्यों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को भी जोर-शोर से उठाने की रणनीति बनाई है। पार्टी की योजना इन मामलों को उठा कर विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस को बैकफुट पर धकेलने की है।

रिश्वत लेकर शराब का लाइसेंस बांटने का अरोप

BJP has made corruption strategy

भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सीतारमण ने पहले स्टिंग का वीडियो जारी किया और आरोप लगाया कि रिश्वत लेकर शराब का लाइसेंस बांटने का धंधा सीएम रावत की अगुवाई में हो रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शराब लाइसेंस का अधिकार सीधे तौर पर गढ़वाल मंडल निगम के अधिकार क्षेत्र में है, जबकि एक तरफ मुख्यमंत्री का निजी सचिव तो दूसरी तरफ सीएमओ खुद रिश्वत लेकर लाइसेंस बांटने की प्रक्रिया में शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि इससे जुड़ा स्टिंग सीधे सीएम के खिलाफ सबूत है। ऐसे में कांग्रेस को अपने मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

इस दौरान उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने तत्कालीन सीएम विजय बहुगुणा को हटाकर रावत को राज्य की भलाई के नाम पर सीएम बनाया था। मगर इस स्टिंग से साफ हो गया है कि वह शराब कारोबारियों और अपनी खुद की भलाई में जुटे हुए हैं।

भाजपा के नोटिस से कांग्रेस पर बढ़ा दबाव

BJP has made corruption strategy

भाजपा ने गैर राजग शासित राज्यों से जुड़े भ्रष्टाचार के आठ मामलों में संसद के दोनों सदनों में चर्चा कराने का नोटिस देकर विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश की है।

पार्टी ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी और पोस्टर के जवाब में सोनिया-राहुल के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की चेतावनी दी है। संसद भवन में पीएम मोदी, जेटली, वेंकैया और सुषमा की बैठक के बाद स्पीकर से कांग्रेस सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की गई।

हंगामे की बारिश में धुली संसद की कार्यवाही
मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही भी हंगामे की बारिश में पूरी तरह से धुल गई। दोनों सदनों में ललित गेट और व्यापम में घिरे मंत्री और मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की मांग पर सरकार और विपक्ष के बीच जबर्दस्त तनातनी देखी गई।

विपक्ष ने जहां इस्तीफे के बाद ही चर्चा करने के स्टैंड पर अड़ा रहा, वहीं सरकार ने भी साफ कर दिया कि वह इन मामलों में चर्चा तो कराएगी, मगर इस्तीफे की मांग स्वीकार नहीं करेगी। सरकार और विपक्ष के अपने-अपने रुख पर अड़े रहने के कारण बीच का रास्ता निकलने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है।  

व्यापम पर भाजपा ने अपने सांसदों को थमाई बुकलेट

BJP has made corruption strategy

कांग्रेस के खिलाफ पलटवार को धारदार बनाने और अपने सांसदों को इस बारे में जानकारियों से लैस करने के लिए भाजपा ने उन्हें दो-दो बुकलेट थमाई हैं।

एक बुकलेट ‘व्यापम : मिथक और वास्तविकता’ शीर्षक से है जबकि दूसरी कांग्रेस शासित राज्यों में भ्रष्टाचार पर है। इस बारे में संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मनगढ़ंत मुद्दों पर विकास की राह को बाधित करने वालों का हम पर्दाफाश करेंगे।

... तो क्या चर्चा से भाग रही कांग्रेस
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की मांग सरकार की ओर से खारिज किए जाने के बावजूद कांग्रेस इनके इस्तीफे के बाद ही चर्चा की मांग पर अड़ी हुई है।

बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित पार्टी के सभी सांसद काली पट्टी बांधकर संसद पहुंचे और इस्तीफे की मांग करते हुए जबर्दस्त हंगामा किया।

इन मसलों पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है। ऐसे में सवाल उठाता है कि आखिर बीच का रास्ता क्या है। क्या इस्तीफा नहीं होने पर संसद नहीं चलेगी या फिर कांग्रेस अपने राज्यों के भ्रष्टाचार को लेकर सहमी हुई है और चर्चा करवाना ही नहीं चाहती।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed