भाजपा को मिले मात्र सात मुस्लिम प्रत्याशी!
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लोकसभा के महासंग्राम में पहली बार 400 से ज्यादा सीटों पर ताल ठोक रही भाजपा को देश के इस सबसे बड़े अल्पसंख्यक समाज यानी मुस्लिम समुदाय से मात्र सात प्रत्याशी ही मिल पाए।
वह भी तब जब भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा लगा रहे हैं। भाजपा ने इस बार अकेले दम पर 419 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। जबकि पिछली बार 359 सीटों पर चुनाव लड़ा था।
भाजपा की बेरूखी
भाजपा मुस्लिम समुदाय की भी हमदर्द दिखने की कोशिश में जुटी है, लेकिन 16 करोड़ आबादी वाले इस अल्पसंख्यक समुदाय को चुनावी मैदान में उतारने में भाजपा ने पहले की तरह बेरुखी ही दिखाई है।
उत्तर प्रदेश में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने मुसलिम समुदाय से 32 प्रत्याशी उतारे हैं। भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी मानते हैं कि इस चुनाव में मुस्लिम समुदाय को ज्यादा टिकट नहीं दे पाए।
सभी अल्पसंख्यक समुदायों से 42 प्रत्याशी
हालांकि उन्होंने कहा कि केंद्र में सरकार बनने पर पार्टी इसकी भरपाई जरूर करेगी। उन्होंने कहा कि वैसे भाजपा ने सभी अल्पसंख्यक समुदायों के कुल 42 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।
बहरहाल, भाजपा की ओर से मैदान में उतारे गये प्रत्याशियों में बिहार के भागलपुर से मैदान में उतरे सैयद शाहनवाज हुसैन ही ऐसे उम्मीदवार हैं जो केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं।
कश्मीर की बारामूला, श्रीनगर और अतंतनाग तथा पश्चिम बंगाल की तमकुल व घनटल सीट पर भाजपा के मुसलिम प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं। इनके अलावा लक्षद्वीप से भी पार्टी ने मुस्लिम समुदाय के प्रत्याशी को उतारा है। पूर्वोत्तर में भाजपा ने दर्जन भर सीटों पर ईसाई समुदाय के प्रत्याशियों को उतारा है अथवा समर्थन दे रही है।