चारों दिशाओं में लहराया मोदी के नाम का परचम
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देश के 16वें लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर ने उत्तर भारत में सिमटी भाजपा को लगभग पूरे देश में फैला दिया।
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और अरुणाचल प्रदेश में मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए 272 का आंकड़ा पार करने वाली भाजपा ने उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक अपना परचम लहरा दिया है।
इतना ही नहीं करीब 81 करोड़ लोगों के जनादेश ने भाजपा को आजाद भारत की पहली गैर कांग्रेसी पार्टी बना दिया है, जिसने अपने दम पर बहुमत हासिल किया है।
1984 के बाद पहली बार मिला बहुमत
इस चुनाव नतीजे में एक और खास बात सामने आई है कि शहरों और महानगरों की पार्टी मानी जाने वाली भाजपा को दूर दराज के गांवों में भी जमकर वोट मिले।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जीत के बाद बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि लोग भाजपा को शहरों में सिमटी हुई पार्टी मानते थे। लेकिन गांवों के लोगों ने वोट दे कर भाजपा को स्वीकार किया है। देश को 30 साल बाद पूर्ण बहुमत वाली सरकार मिल रही है।
इससे पहले 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या से पैदा हुई सहानुभूति लहर में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में 400 का आंकड़ा पार कर लिया था।
बड़ी मुश्किलें से जीत कांग्रेसी दिग्गज
उसके बाद से केंद्र में कांग्रेस और भाजपा की अगुवाई में गठबंधन की सरकारें चलती रहीं। अब पहली बार ऐसा हुआ है जब गैर कांग्रेसी पार्टी अपने दम पर बहुमत ले कर आई है।
मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने पहली बार दक्षिण के तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में 2-2 सीट लेकर मजबूत पैठ की है। उधर पश्चिम बंगाल में दो, ओडिशा में तीन, असम में सात और अरुणाचल में भी दो सीटों पर झंडा गाड़ दिया।
इन राज्यों में भाजपा का कोई मजबूत आधार नहीं था। लेफ्ट और कांग्रेस का गढ़ रहे केरल में तिरुअनंतपुरम सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी शशि थरूर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजगोपाल से कुछ हजार वोटों से ही जीत पाए हैं।
इस सीट के परिणाम में जाहिर है कि केरल में भी भाजपा ने अपनी दस्तक दे दी है।