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'देवालय-शौचालय' पर भाजपा भूल गई जयराम की बात?
अमर उजाला दिल्ली
Updated Thu, 03 Oct 2013 02:04 PM IST
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केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने करीब साल भर पहले शौचालय बनाने को लेकर ऐसा बयान दिया था, जो उनकी जान की आफत बन गया था। वजह थी भाजपा और दूसरे हिंदूवादी दल।
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और अब कुछ ऐसी ही बात खुद भगवा दल के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी ने कही, तो वही पार्टी यू-टर्न मारकर इसी बयान पर उनकी तारीफों के पुल बांध रही है।
रमेश ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि देश को मंदिरों से ज्यादा जरूरत शैचालय की है।
इतना कहने की देर थी कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के गुस्साए प्रदर्शनकारी उनके घर पहुंच गए थे। भाजपा ने उन पर देश के 'धर्म और आस्था की बुनाई' को नुकसान पहुंचाने का इल्जाम लगाया था।
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अब मोदी ने वही बात दोहराई
बुधवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें हिंदुत्वावादी नेता कहा जाता है। उनकी छवि उन्हें ऐसा कहने नहीं देगी, लेकिन उनमें यह कहने का साहस है कि पहले शौचालय और फिर देवालय बनने चाहिए।
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जाहिर है मोदी के नाम की लहर पर सवार भाजपा को कुछ अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना होगा, लेकिन कांग्रेस ने मामला लपक लिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने कहा, "कुछ वक्त पहले जब जयराम रमेश ने कुछ ऐसा ही सुझाव दिया था, तो भाजपा ने विरोध करते हुए कहा था कि उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। नरेंद्र मोदी ने यही बात कही है, तो भाजपा को यह साफ करना चाहिए कि अब उसकी इस बारे में क्या राय है?"
जयराम पर हमला बोलने वाली भाजपा चुप
जब जयराम ने यह बयान दिया था, तो कांग्रेस के पास अपने म्रंत्री के बचाव का साजोसामान नहीं था और अब भाजपा के लिए कुछ ऐसी ही स्थिति बन सकती है।
जयराम के बयान पर भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रता रूडी ने कहा, "टॉयलेट बनाना और धार्मिक पूजास्थल में आस्था, दो अलग-अलग चीज हैं। भारत एक बहुसंस्कृति वाला देश है और यहां मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या चर्च में असीम आस्था रखी जाती है। आप इन दोनों को मिला नहीं सकते।"
बुधवार को दिया मोदी का बयान एक बात और साफ करता है। वह शायद अपनी छवि को बार-बार नया रूप दे रहे हैं, ताकि अपने ऑडियंस के मुताबिक उसमें बदलाव कर सकें।
जब वह मुंबई के डायमंड मर्चेंट से मिलते हैं, तो कारोबार की बात करते हैं। नौजवानों से मिलते हैं, तो विकास की बात करते हैं। देवालय से पहले शौचालय को तरजीह देने की बात करते हैं।