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वीरभद्र की जांच के लिए भाजपा ने की एसआईटी की मांग
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Oct 2012 12:12 AM IST
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह के खिलाफ सियासी मुहिम तेज कर दी है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने इस मामले में चर्चा में आए ‘वीबीएस’ की पहचान के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने की मांग की है।
अलबत्ता, पार्टी ने केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट मामले की भी जांच की मांग दोहराई है, लेकिन सलमान को लेकर अरविंद केजरीवाल के तीखे तेवरों की तुलना में भाजपा नरम दिखी है। खास बात यह है कि भाजपा ने जहां एक ओर वीरभद्र सिंह मामले में वरिष्ठ नेता जेटली को मैदान में उतारकर मोर्चा खोला।
वहीं खुर्शीद के ट्रस्ट प्रकरण में मात्र बयानबाजी करके इतिश्री मान ली। जेटली ने वीरभद्र सिंह मामले में बाकायदा दो पृष्ठों का लिखित नोट जारी किया और उसमें कानूनी दांवपेंचों का जिक्र कर यह साबित करने की कोशिश की कि ‘वीबीएस’ मामला पुराने हवाला प्रकरण से पूरी तरह से भिन्न है और इसकी जांच होनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि इस्पात कंपनी के सीएमडी की डायरी में चूंकि सीबीआई और ईडी के नाम भी दर्ज हैं, इसलिए इन एजेंसियों से जांच नहीं कराई जा सकती है। इसलिए जरूरी है कि निष्पक्ष एजेंसी के अफसरों की एसआईटी को जांच कार्य सौंपा जाए। उन्होंने वीरभद्र सिंह के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि जिसमें भाजपा का भी इस मामले में हाथ होने की बात कही जा रही थी।
जेटली ने कहा कि ये दस्तावेज आयकर विभाग के पास हैं और इन्हें भाजपा ने तैयार नहीं किया। इधर, ट्रस्ट प्रकरण में भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि सलमान खुर्शीद को इस मामले में उठे सवालों का जवाब देना चाहिए। शहनवाज ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि यूपीए सरकार देश को चलाने की बजाए अपने मंत्रियों को बचाने का काम कर रही है।
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अलबत्ता, पार्टी ने केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट मामले की भी जांच की मांग दोहराई है, लेकिन सलमान को लेकर अरविंद केजरीवाल के तीखे तेवरों की तुलना में भाजपा नरम दिखी है। खास बात यह है कि भाजपा ने जहां एक ओर वीरभद्र सिंह मामले में वरिष्ठ नेता जेटली को मैदान में उतारकर मोर्चा खोला।
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वहीं खुर्शीद के ट्रस्ट प्रकरण में मात्र बयानबाजी करके इतिश्री मान ली। जेटली ने वीरभद्र सिंह मामले में बाकायदा दो पृष्ठों का लिखित नोट जारी किया और उसमें कानूनी दांवपेंचों का जिक्र कर यह साबित करने की कोशिश की कि ‘वीबीएस’ मामला पुराने हवाला प्रकरण से पूरी तरह से भिन्न है और इसकी जांच होनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि इस्पात कंपनी के सीएमडी की डायरी में चूंकि सीबीआई और ईडी के नाम भी दर्ज हैं, इसलिए इन एजेंसियों से जांच नहीं कराई जा सकती है। इसलिए जरूरी है कि निष्पक्ष एजेंसी के अफसरों की एसआईटी को जांच कार्य सौंपा जाए। उन्होंने वीरभद्र सिंह के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि जिसमें भाजपा का भी इस मामले में हाथ होने की बात कही जा रही थी।
जेटली ने कहा कि ये दस्तावेज आयकर विभाग के पास हैं और इन्हें भाजपा ने तैयार नहीं किया। इधर, ट्रस्ट प्रकरण में भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि सलमान खुर्शीद को इस मामले में उठे सवालों का जवाब देना चाहिए। शहनवाज ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि यूपीए सरकार देश को चलाने की बजाए अपने मंत्रियों को बचाने का काम कर रही है।