साध्वी मामले पर सरकार ने खेला दलित कार्ड
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साध्वी निरंजन ज्योति ने एक बयान दिया और इस बयान ने पूरी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। हाल ये हुआ कि पीएम को भी इस पर सफाई देनी पड़ी, विपक्ष से साध्वी को माफ करने की अपील करनी पड़ी।
लेकिन विपक्ष इतनी आसानी से इस मुद्दे को कैसे छोड़ देता, उसने भी इस मुद्दे को हथियार बनाने की कोशिश की। विपक्ष ने हंगामा किया और वॉकआऊट कर दिया। राज्यसभा में भी कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष की ये कोशिश सफल होती उससे पहले बीजेपी ने 'दलित कार्ड' खेल दिया। वह भी विरोध प्रदर्शन करने लगी। संसद में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास बीजेपी सांसद बैठ गए।
बीजेपी की ओर से मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि,"साध्वी दलित महिला हैं इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।" उनके बाद सरकार में शामिल राम विलास पासवान ने कहा कि,"वे पिछड़ी जाति की हैं। माफी देनी चाहिए और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।"
सपा और बसपा भी गुस्से में
इस मुद्दे पर सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि,"अगर कोई महिला कत्ल कर दे तो क्या उसके खिलाफ इसलिए कार्रवाई ना हो क्योंकि वह महिला है?"
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि,"बीजेपी अब दलित कार्ड खेल रही है, यह सही नहीं है। अगर कोई संविधान के विरुद्ध आचरण करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।"
बीजेपी नेता वैंकेया नायडू ने बीजेपी और साध्वी का बचाव करते हुए कहा कि,"कांग्रेस कभी यह बताएगी कि उन्होंने कभी अपने नेताओं द्वारा की गई अश्लील टिप्पणियों पर एक्शन क्यों नहीं लिया?"
उन्होंने कहा कि,"मंत्री ने माफी मांग ली है, विपक्ष को चाहिए कि वो भी उन्हें माफ कर दें।"
लालू यादव ने भी साधा निशाना
इससे पहले सदन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि,"मंत्री ने गलती की है, वह गांव की हैं, विपक्ष को चाहिए कि उदारता दिखाई जाए और साध्वी को माफ कर दिया जाए।"
मंत्री थंवर गहलोत ने भी कहा कि," निरंजन ज्योति एक दलित महिला हैं और गांव की पृष्ठभूमि से आई हैं। वह माफी मांग चुकी हैं, पीएम भी इस पर अपनी बात रख चुके हैं। अब इस मुद्दे को खत्म किया जाना चाहिए।"
बीजेपी की ओर से नलिन कोहली ने भी उन्हें माफ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि," साध्वी माफी मांग चुकी हैं अब इस मुद्दे पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।"
लेकिन लालू यादव ने पीएम और बीजेपी पर हमला करने का मौका नहीं छोड़ा और अपने ही अंदाज में कहा कि," जितने साधू साध्वी हैं सब सांप्रदायिकता फैला रहे हैं, जेल भेज देना चाहिए इनको। ये सन्त नहीं हैं ये तो RSS के प्रचारक हैं।