बहुमत के लिए BJP ने खर्च किए सात अरब रुपए
भाजपा ने पिछले वर्ष हुए लोकसभा और चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में 714 करोड़ रुपए खर्च किए थे। कांग्रेस ने उन्हीं चुनावों में प्रचार आदि पर 516 करोड़ रुपए खर्च किए।
दोनों पार्टियों के चुनावी खर्च का ब्योरा चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर डाला है। कांग्रेस ने आयोग को खर्चों का ब्योरा पिछले महीने 22 दिसंबर को सौंपा था। भाजपा ने अपना ब्योरा 12 जनवरी को दिया है। हालांकि चुनावी खर्च का ब्योरा सौंपने की अंतिम तारीख पिछले साल 22 अगस्त को थी।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव पिछले साल अप्रैल और मई महीने में कराए गए थे। लोकसभा चुनाव के साथ आंध्र प्रदेश, ओडीसा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम विधानसभा के चुनाव भी कराए गए थे।
BJP, कांग्रेस ने अन्य पार्टियों से कई गुना ज्यादा खर्च किया
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा और कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर की अन्य पार्टियों से कई गुना ज्यादा पैसे खर्च है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने उन चुनावों में 51 करोड़ और बसपा ने 30 करोड़ खर्च किए थे। भाजपा और कांग्रेस की खर्च की रकम जोड़ दें तो वह 1200 करोड़ रुपए से अधिक है।
केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष चुनाव खर्च की सीमा की समीक्षा की थी। बड़े राज्यों में प्रत्येक उम्मीदवार के लिए सीमा 70 लाख थी, जबकि छोटे राज्यों में ये सीमा 54 लाख के आसपास थी।
राष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्राप्त अन्य पार्टियों में सीपीएम ने 18 करोड़ रुपए खर्च किए थे। अधिकांश पार्टियों ने चुनाव खर्चों का ब्योरा बहुत ही देर से जमा किया। चुनाव आयोग ने भाजपा, कांग्रेस और आप समेत 20 पार्टियों को कारण बताओ नोटिस भी भेजा था।