भाजपा और कांग्रेस की बराबरी में आई AAP!
भ्रष्टाचार और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर लोग भले ही आप आदमी पार्टी को बाकी पार्टियों से अलग मानते हों, लेकिन लोक सभा चुनावों के एक मामले में आम आदमी पार्टी ने भी बाकी पार्टियों के साथ लाइन में खड़ी नजर आ रही है।
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा चुनावों में हुए खर्चे को लेकर चुनाव आयोग ने सभी दलों से विवरण जमा करने के लिए कहा था। आम चुनाव हुए करीब छह महीने होने जा रहे हैं लेकिन अभी तक राष्ट्रीय पार्टियां भाजपा और कांग्रेस समेत कई क्षेत्रीय पार्टियों ने चुनावी खर्च का ब्यौरा नहीं दिया।
रोचक बात यह है कि हर चुनाव और सभा में पारदर्शिता की बात करने वाली आम आदमी पार्टी ने भी अभी तक अपने चुनावी खर्च का विवरण नहीं जमा कराया।
कई पार्टियों का नाम डिफॉल्टर लिस्ट में
रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने जिन राजनीतिक पार्टियों की डिफॉल्टर लिस्ट तैयार की है उनमें राज्य स्तरीय पार्टियों में आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीआरएस और जेडीयू का नाम शामिल किया गया है।
चार राष्ट्रीय पार्टियों में से केवल एक पार्टी ने ही अपने चुनावी खर्चों का विवरण जमा कराया है और 22 राज्यस्तरीय पार्टियों में से आठ पार्टियों ने चुनावी खर्चों का ब्योरा दिया है।
हालांकि इन्होंने खर्च जैसे कॉलम खाली छोड़ दिए हैं। चुनाव आयोग अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा देने वाली पार्टियां उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और सिक्किम की हैं।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग सभी पार्टियों के लिए विवरण जमा कराने के लिए 26 अगस्त लास्ट डेट तय की थी। खर्च का ब्यौरा जमा कराने वाली पार्टियों में सीपीआई सहित आईएनएलडी, डीएमडीके, पीएमके, नेशनल कॉफ्रेंस, जे एंड के पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, आईयूएमएल, नगा पीपुल्स फ्रंट और मीजो नेशनल फ्रंट हैं। हालांकि इन्होंने आधी-अधूरी जानकारी ही दी है।
किस पार्टी ने किया कितना कर्च?
चुनावी खर्च की जानकारी देने वाली बड़ी पार्टियों में बीएसपी, सीपीएम और एनसीपी हैं जिन्होंने अपने खर्च का ब्यौरा जमा कराया है। इन पार्टियों का लोकसभा चुनावों में खर्च क्रमशः 30 करोड़, 19 करोड़ और 51 करोड़ रुपए हैं।
वहीं समय पर ब्यौरा उपलब्ध कराने वाली पार्टियों में तृणमूल कांग्रेस, एआईएडीएमके, डीएमके, एआईएफबी, टीडीपी, एसएडी, बीजेडी, आरएलडी, एमएनएस और पीएमके आदि हैं।
खास बात यह भी है सबसे पहले चुनावी खर्च जमा कराने वाली पार्टी मे आल इंडिया फॉर्वर्ड ब्लॉक है जिसने 26 मई को ही चुनाव आयोग को चुनावी खर्च का ब्यौरा जमा करा दिया था। इस पार्टी का कुल चुनावी खर्च 64 लाख रुपए है। यह सभी आंकड़े 3 नवंबर तक की सूचना पर आधारित हैं।