भाजपा दे सकती है नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची में पार्टी के दिग्गज नेताओं के रिश्तेदारों से दूरी बरतने वाली भाजपा अब अपनी इस रणनीति में बदलाव कर सकती है।
दरअसल, पार्टी नेतृत्व को आशंका है कि दिग्गज नेताओं के समर्थकों और रिश्तेदारों को टिकट न देने पर ये नेता पूरे मन से चुनाव प्रचार में नहीं जुटेंगे। पार्टी ने संकेत दिया है कि उम्मीदवारों की दूसरी सूची में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के बेटे देवेंद्र चौधरी और राव इंद्रजीत सिंह की बेटी आरती राव के साथ-साथ कुछ और सांसदों की मांग पूरी की जा सकती है।
इस पूरे मामले में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बीते दिनों हरियाणा इकाई के अध्यक्ष रामविलास शर्मा से गंभीर चर्चा की थी। बैठक में दिग्गज नेताओं की मांग नहीं माने जाने पर चुनाव प्रचार पर विपरीत प्रभाव पड़ने का अंदेशा व्यक्त किया गया था।
पार्टी नेताओं के रिश्तेदारों को मिल सकता है टिकट
पार्टी अगले हफ्ते ही राज्य की 47 सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर देगी। नेताओं के नाते-रिश्तेदारों को टिकट न देने की रणनीति बनाने वाली भाजपा अब अपने इस फैसले पर पुनर्विचार कर रही है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि नेतृत्व को इस बात की आशंका है कि ऐसे नेताओं के समर्थकों और रिश्तेदारों को किनारे किए जाने के बाद ये सभी नेता चुनाव प्रचार में पूरी ताकत नहीं झोकेंगे।
ऐसे में पहली बार अपने दम पर सत्ता हासिल करने की कोशिशों में जुटी भाजपा की योजना पर पानी फिर सकता है। पार्टी सूत्रों में बताया कि पार्टी नेतृत्व ने राव की बेटी और गुर्जर के बेटे के साथ-साथ कुछ अन्य सांसदों के समर्थकों को भी टिकट देने का करीब-करीब मन बना लिया है।
उधर, भाजपा नेतृत्व ने बाकी बची 47 सीटों पर भी विचार विमर्श कर लिया है। अगले हफ्ते होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में अंतिम चर्चा के बाद महाराष्ट्र के साथ-साथ हरियाणा की भी सूची जारी कर दी जाएगी।