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गडकरी के बचाव में उतरी भाजपा, संघ ने साधी चुप्पी

Wed, 24 Oct 2012 10:11 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 24 Oct 2012 10:11 PM IST
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BJP came to the rescue Gadkari. rss in silent
भ्रष्टाचार के आरोपों पर लगातार संकट से घिरते जा रहे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के बचाव में अब पार्टी के दिग्गज भी उतर आए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने गडकरी के समर्थन में ताल ठोकते हुए कहा कि जब वे खुद जांच के लिए तैयार हैं तो इस मसले पर इतनी हायतौबा बचाने की कोई जरूरत नहीं है।
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सुषमा ने कहा कि भाजपा को गडकरी पर पूरा विश्वास है और पूरी भाजपा उनके साथ खड़ी है। इसके बावजूद गडकरी की भाजपा अध्यक्ष के तौर पर दोबारा ताजपोशी पर भी संशय के बादल मंडराने लगे हैं। पार्टी के समर्थन के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गडकरी मामले की गेंद भाजपा के ही पाले में फेंक दी है।
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गडकरी विजयदशमी के मौके पर बुधवार को नागपुर में संघ मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थे, वे बृहस्पतिवार को दिल्ली आ रहे हैं। नागपुर में ही संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि गडकरी मामले में भाजपा को ही फैसला करना है क्योंकि यह उसी से जुड़ा मामला है। इधर, भाजपा गडकरी के बचाव में उतर तो आई है, लेकिन पार्टी में इस बात की भी चिंता है कि इससे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर यूपीए सरकार के खिलाफ उसके अभियान की धार कहीं कुंद न हो जाए।
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बहरहाल, गडकरी के बचाव में उतरे आडवाणी ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष पर सभी आरोप राजनीतिक साजिश के तहत लगाए गए हैं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि अन्य दलों व भाजपा में यही फर्क है कि गडकरी खुद ही जांच के लिए तैयार हैं। गडकरी पर लगे आरोप व्यापार के मानकों को लेकर हैं न कि सत्ता के दुरुपयोग या भ्रष्टाचार के। हालांकि आडवाणी ने यह भी कहा कि भाजपा सभी दलों से अलग है और उसे आरोपों की प्रकृति या गंभीरता को लेकर किसी तरह का कवच प्राप्त होने का दावा नहीं करना चाहिए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्तावित जांच निष्पक्ष होगी और सरकार राजनीतिक शत्रुता नहीं साधेगी। इधर सुषमा ने ट्विटर पर लिखा कि बिना सबूतों के गडकरी पर लगे आरोपों को स्वीकार कर लेना अन्याय व गलत होगा। उधर, हिमाचल प्रदेश के चुनाव प्रचार के लिए शिमला में जमे जेटली ने कहा कि जब गडकरी खुद जांच के लिए तैयार हैं तो इस मामले को इतना तूल देने की कोई आवश्यकता नहीं है।

कोट-
भाजपा अध्यक्ष पर आरोप राजनीतिक साजिश के तहत लगाए गए हैं। यूपीए सरकार खुद को भ्रष्टाचार के पाप से बचाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को एक ही रंग से रंगने का प्रयास कर रही है, जबकि यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार से सर शर्म से झुक जाता है। उम्मीद है कि भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्तावित जांच निष्पक्ष होगी और सरकार राजनीतिक शत्रुता नहीं साधेगी।
लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा

आडवाणी की ओर से गडकरी का बचाव हास्यास्पद है। पूरा देश देख रहा है कि गडकरी पर हर तरफ से आरोप लग रहे हैं। लेकिन आरोपों पर सफाई के बजाय आडवाणी गडकरी को बधाई दे रहे हैं। देश की जनता इस पर भाजपा को अच्छा सबक सिखाएगी।
राशिद अल्वी, कांग्रेस


गडकरी मामले में भाजपा को ही फैसला करना है क्योंकि यह उसी से जुड़ा मामला है। गडकरी के खिलाफ मीडिया ट्रायल चल रहा है। वह अपने विचार पार्टी के समक्ष रखेंगे।
आरएसएस

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपने दामाद रॉबर्ट वाड्रा और वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करानी चाहिए।
उमा भारती, भाजपा
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