शिवसेना ने कहा, विपक्ष की मानसिकता से बाहर आए भाजपा
भाजपा को एक बार फिर अपनी सहयोगी शिवसेना से नसीहत सुननी पड़ी है। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में सोमवार को महाराष्ट्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा गया कि यदि भाजपा विपक्ष की मानसिकता से बाहर आकर राज्य को एक मजबूत नेतृत्व नहीं प्रदान करती है तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
फडणवीस सरकार शिवसेना के सहयोग से चल रही है और हम राज्य की जनता के प्रति जवाबदेह हैं। महाराष्ट्र में सरकार बनाने के बाद से दोनों सहयोगी दलों में कई बार सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे की आलोचना और सुझावों का दौर चल चुका है। शिवसेना का ताजा बयान भाजपा नेता आशीष शेलार को जवाब माना जा रहा है।
कहा, सीमा पर स्थिति को नजरअंदाज नहीं कर सकते
आशीष ने शनिवार को कहा था कि शिवसेना को अंतरराष्ट्रीय मसलों पर बात करने के बजाय मुंबई की नागरिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। इस पर सामना में पलटवार करते हुए लिखा गया है कि कुछ लोग जब आंखें खोलते हैं तो उन्हें सीमा का संकट और पाकिस्तान द्वारा बार-बार भरोसा तोड़ना दिखाई देता है।
यह केवल उन्हीं लोगों के साथ हो सकता है, जिनके पास राष्ट्रवादी और देशभक्त आंखें हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे हैं, जो केवल नालियां ही देखते रहते हैं। सीमा पर स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
शिवसेना ने प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के विवादों में फंसने पर भी टिप्पणी की है। संपादकीय में लिखा गया है कि विपक्ष ने विधानसभा सत्र के दौरान सरकार पर हमला करने के लिए अपनी कठिन मेहनत से ‘हथियार’ नहीं पाए हैं। राज्य की कानून व्यवस्था पर खुद भाजपा नेताओं ने ही सवाल उठाए हैं और शिवसेना का इससे कुछ लेना देना नहीं है।