BJP नेता इस्तेमाल नहीं कर सकते बड़े होटल, चार्टर्ड प्लेन!
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अमित शाह ने अध्यक्ष पद संभालते ही भाजपा नेताओं पर नई-नई पाबंदियां लगानी शुरु कर दी है। हालांकि शाह ये पाबंदियां आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के फायदे और संगठन के विस्तार के लिए लगा रहे हैं।
उन पाबंदियों के तहत ही शाह ने भाजपा नेताओं की खर्च में कटौती करने की ताकीद की। शाह ने भाजपा नेताओं को फाइव स्टार होटल में न ठहरने और चार्टर्ड प्लेन का इस्तेमान न करने के सलाह दी है।
शाह का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिजूलखर्ची न करने का संदेश दिया है और भाजपा नेताओं को इस पर अमल करना चाहिए। शाह ने कहा है कि भाजपा नेता ट्रेन से ही सफर करें और होटलों के बजाय राज्य सरकारों के गेस्ट हाउस में ठहरें।
उन्होंने कहा कि अगर बहुत आवश्यकता हो तो ही चार्टर्ड प्लेन का इस्तेमाल करें। हालांकि, शाह की सलाह से पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को मुश्किल उठानी पड़ी है।
नरेंद्र मोदी ने भी दी खर्चों में कटौती की सलाह
अमित शाह ने फिजूलखर्ची रोकने की हिदायतें रविवार को दीं। विश्लेषकों के मुताबिक, पार्टी खर्चों में कटौती से आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को फायदा हो सकता है। भाजपा देश भर में जनाधार को बढ़ाना चाहती है। बड़े नेता अगर आदमी के बीच अपनी पहुंच बढ़ाते हैं तो पार्टी को इससे फायदा होगा।
सूत्रों के मुताबिक, शाह ने पार्टी नेताओं से कहा है कि उन्हें अब एग्जिक्यूटिव या बिजनेस क्लास के टिकट ही दिए जाएंगे। भाजपा ने एक नेता के मुताबिक, अमित शाह खुद भी चार्टर्ड प्लेन के बजाय सामान्य फ्लाइट से ही यात्रा करते हैं। इससे पार्टी के खर्चों में कटौती होगी और जनता के बीच भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खर्चों में कटौती के लिए केंद्रीय मंत्रियों को नई कार न खरीदने की सलाह दी थी। शाह ने प्रधानमंत्री की सलाह पर अमल करते हुए पार्टी के खर्चों में कटौती का फैसला लिया।
शाह के फैसले से आडवाणी को हुई मुश्किल
हालांकि शाह की सलाह से भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को मुश्किल उठानी पड़ी। दरअसल चंद दिनों पहले आडवाणी के कार्यालय से भाजपा हेडक्वार्टर फोन कर चार्टर्ड प्लेन की मांग की गई थी। पार्टी में ये सामान्य प्रक्रिया थी।
हालांकि भाजपा हेडक्वार्टर ने आडवाणी के कार्यालय चार्टर्ड प्लेन देने से मना कर दिया। पार्टी की ओर से आडवाणी को बताया गया कि अब केवल आपातकालीन स्थिति में ही चार्टर्ड प्लेन उपलब्ध कराया जाएगा।
आडवाणी ने इसके बाद अरुण जेटली को फोन किया। जेटली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह दोनों का करीबी माना जाता है। जेटली ने इसके बाद शाह से बात की, लेकिन शाह चार्टर्ड प्लेन देने से मना कर दिया।
उन्होंने जेटली से कहा कि सभी नेताओं को सामान्य फ्लाइट से ही यात्रा करने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी ने इसके बाद आडवाणी को एयर टिकट भिजवा दिया, लेकिन उन्होंने टिकट लेने से मना कर दिया।