नतीजों के बाद महाराष्ट्र में बैकफुट पर भाजपा
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महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन में तनाव अब भी जस का तस है। दोनों दलों के बीच सीट और मुख्यमंत्री पद को लेकर पेंच कायम है। शिवसेना अब भाजपा के सामने झुकने को तैयार नहीं है जबकि उपचुनाव के नतीजों से भाजपा भी बैकफुट पर आ गई है।
बुधवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मुंबई में पार्टी के कोरग्रुप के साथ बैठक करेंगे। उसके बाद शिवसेना के साथ जारी गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाए जाएंगे।
शिवसेना के साथ गठबंधन को लेकर जारी टकराव में बीच का रास्ता निकालने के लिए मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया था।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के घर चली बैठक के बाद यह तय हुआ कि बुधवार की शाम मुंबई में अमित शाह भाजपा नेताओं के साथ मंथन बैठक करेंगे। इसके बाद ही शिवसेना के साथ गठबंधन जारी रखने के संबंध में अंतिम निर्णय होगा।
उद्धव के तेवर हुए सख्त
सूत्रों का कहना है कि अभी तक शिवसेना के खिलाफ आक्रामक रही भाजपा को उपचुनाव के नतीजों ने निराश कर दिया है, जिससे पार्टी के रुख में नरमी आई है।
सख्त तेवर अपना रहे उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को अपनी पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों और प्रमुख नेताओं सहित शिवसेना जिला प्रमुखों को मुंबई बुलाया है।
इस बैठक में शिवसेना अकेले लड़ने की संभावनाओं पर विचार करेगी। इसके साथ ही उद्धव ने घटक दलों को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश शुरू कर दी है।
मंगलवार को उन्होंने आरपीआई अध्यक्ष व सांसद रामदास अठावले को मातोश्री बुलाया। समझा जाता है कि उद्धव ने अपने दम पर चुनाव लड़ने की स्थिति में अठावले से राय मशविरा किया।