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मोदी पर 'इकनॉमिस्ट' के हमले से तिलमिलाई भाजपा

Sat, 05 Apr 2014 02:24 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 05 Apr 2014 02:24 PM IST
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bjp angry with economist view on modi and rahul

भाजपा ने 'द इकनॉमिस्ट' के उस लेख पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है, जिसमें कहा गया है कि नरेंद्र मोदी एक विभाजनकारी शख्सियत हैं। पत्रिका ने भारतीयों से राहुल गांधी की अगुवाई वाली ऐसी सरकार को चुनने की सलाह दी है, जो भले आकर्षक न हो, लेकिन ज्यादा बवाल न मचे।

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भाजपा के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "उन्हें जो लिखना है, लिखने दीजिए। वो जमीनी हकीकत नहीं जानते। देश अब कांग्रेस के राज से बेहाल हो चुका है और लोग अब कांग्रेस मुक्त भारत चाहते हैं। उन्हें मोदी की अगुवाई में अच्छी सरकार चाहिए।"
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इकनॉमिस्ट ने राहुल पर जताया भरोसा

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नौ चरणों में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों में मतदान के पहले दिन से तीन रोज पहले आए इस लेख में कहा गया है, "राहुल गांधी का गठबंधन भ्रष्टाचार से बेहाल रहा है। उनकी तुलना में मोदी साफ छवि वाले हैं।"

जाने-माने समाचार समूह ने कहा है, "इसलिए उनके बारे में काफी अच्छी चीजे हैं। लेकिन इसके बावजूद यह अखबार देश के सर्वोच्च पद पर नरेंद्र मोदी की सिफारिश नहीं करता।"

दंगों को लेकर मोदी पर जताया एतराज

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'इंडिया डिजर्व बेटर देन मोदी' शीर्षक के तहत लिखे लेख में इकनॉमिस्ट ने गुजरात में 2002 में हुए दंगों को लेकर मोदी पर एतराज जताया है। मोदी 2001 से गुजरात की कुर्सी संभाल रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के तहत हो रही जांच में कहा गया है कि इन दंगों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। पिछले साल एक निचली अदालत ने इस फैसले को दुरुस्त ठहराया।

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क्लीन चिट पर खड़ा किया सवाल

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लेकिन इकनॉमिस्ट इस क्लीन चिट पर भी सवाल उठा रही है। इसमें कहा गया है, "दंगों में जांच निर्णायक साबित नहीं हुई है, इसकी एक वजह यह भी है कि काफी सबूत खो गए या जानबूझकर खत्म कर दिए गए। और अगर 2002 के तथ्य धुंधले हैं, तो उन पर मोदी की राय भी।"

लेख में कहा गया है, "अगर मोदी हिंसा में अपनी भूमिका समझाते और इस पर उचित तरीके से दुख जताते, तो हम उनका समर्थन करने के बारे में सोच सकते थे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।"

गलत साबित होने पर खुशी होगीः इकनॉमिस्ट

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इकनॉमिस्ट का कहना है कि अगर भाजपा इन चुनावों में जीत दर्ज करती है, तो गठबंधन के दूसरे दलों को मोदी के अलावा किसी दूसरे नेता को प्रधानमंत्री बनाना चाहिए।

इसमें लिखा गया है, "अगर इसके बावजूद मोदी को चुना जाए तो? तो हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं और अगर वो भारत को आधुनिक, ईमानदार और सही तरीके से चलाते हैं, तो हमें गलत साबित होने में भी खुशी होगी। लेकिन फिलहाल मोदी को उनके रिकॉर्ड पर आंका जाना है, जो ऐसे शख्स का है, जिसके साथ नफरत जैसी चीज जुड़ी है। इसके बारे में कुछ भी आधुनिक, ईमानदार या अच्छा नहीं है। भारत को इससे बेहतर मिलना चाहिए।"

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