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भाजपा और पीडीपी में कशमकश जारी
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 23 Aug 2015 10:01 AM IST
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जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जे पर भाजपा और पीडीपी की तकरार फिर बढ़ रही है। सूबे में सरकार गठन के लिए एजेंडा तय करते वक्त भाजपा ने अनुच्छेद 370 पर यथास्थिति को स्वीकार कर लिया था लेकिन अनुच्छेद 35ए को कानूनी चुनौती के बाद दोनों घटक दल फिर से अपने पुराने स्टैंड की दुहाई देने लगे हैं।
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चूंकि सरकार में दोनों दल शामिल हैं लिहाजा सरकारी स्तर पर भी स्टैंड लेने पर असमंजस बरकरार है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष स्पष्ट करने के बजाए फिलहाल इस पर वक्त मांग लिया है।
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राज्य सरकार को अब नवंबर के पहले सप्ताह तक अपना पक्ष रखना है। इससे पहले दोनों दलों के सामने इस मुद्दे पर मतैक्य कायम करने की चुनौती है। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकार से अनुच्छेद 35ए पर रुख साफ करने को कहा है। जम्मू-कश्मीर के एडवोकेट जनरल जहांगीर इकबाल गनई ने इसकी पुष्टि की है। फिलहाल जम्मू कश्मीर सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी अपना पक्ष नहीं बताया है।
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संघ से जुड़ी संस्था जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र ने अनुच्छेद 35ए को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका को स्वीकार किए जाने से पूर्व कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार की आपत्ति मांगी थी लेकिन गठबंधन दलों में मुद्दे पर मतैक्य नहीं होने के कारण वक्त मांग लिया गया। अब राज्य सरकार को नवंबर के पहले हफ्ते तक
जवाब देना है। अनुच्छेद 35ए के जरिए जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा हासिल है जिसके तहत स्टेट सब्जेक्ट नहीं होने पर वहां किसी को जमीन खरीदने का अधिकार नहीं है। जम्मू-कश्मीर की बेटियों का विवाह दूसरे राज्य के निवासी से होने पर उसे संपत्ति के अधिकार से वंचित होना पड़ता है।