धुर विरोधी भाजपा-कांग्रेस का ये रूप देखकर चौंक जाएंगे आप
राजनीतिक दलों के कॉरपोरेट से चंदा लेने के मामले में भाजपा और कांग्रेस एकमत हैं। दोनों दलों का मानना है कि पार्टियों के कॉरपोरेट चंदे पर रोक नहीं लगनी चाहिए। वहीं, दूसरे दल इसके खिलाफ खड़े हैं।
चुनाव आयोग ने हाल ही में राजनीतिक दलों के चंदे और चुनाव सुधार को लेकर कानून आयोग की सिफारिशों पर राजनीतिक दलों के विचार जाने थे।
निवर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त एचएस ब्रह्मा के अनुसार कॉरपोरेट फंडिंग पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग के तहत एक राष्ट्रीय ट्रस्ट की स्थापना के बजाय बहुमत कॉरपोरेट फंडिंग के खिलाफ था।
बाकी दलों ने दी रोक की सलाह
दो राष्ट्रीय दलों को छोड़कर बाकी इस बात के पक्ष में थे कि इस तरह के चंदे पर रोक लगनी चाहिए। वहीं भाजपा के सचिव अरुण सिंह ने इस मामले में पार्टी का पक्ष रखा है।
उनका कहना है कि नियमों के तहत कॉरपोरेट चंदा लिए जाने की अनुमति होनी चाहिए। उनके अनुसार इस मसले पर केवल छह राष्ट्रीय दलों के बीच चर्चा हो।
आयोग के कार्यक्रम में कई ऐसी छोटी पार्टियां भी मौजूद थीं जो अपने राज्य में विधानसभा या संसद का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं। इसी तरह कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि कॉरपोरेट चंदा चेक के माध्यम से लिया जाना चाहिए।