मोदी को मिली लिस्ट, कौन बनेगा मंत्री?
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मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भावी मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है। शुक्रवार को इसी सिलसिले में दिन भर बैठकों का दौर चलता रहा।
नरेंद्र मोदी ने गुजरात भवन में जहां भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, अमित शाह, अरुण जेटली और नितिन गडकरी के साथ मिलकर नई सरकार के खाके पर करीब चार घंटे तक लंबी चर्चा की। वहीं, राजनाथ सिंह ने पार्टी महासचिवों और एनडीए के सहयोगी दलों के साथ बैठक की।
अब शनिवार को खुद मोदी सहयोगी दलों के साथ बैठक करेंगे। मोदी भावी मंत्रिमंडल को लेकर सभी की राय ले रहे हैं, हालांकि यह तय है कि अंतिम फैसला उनका खुद का होगा। दरअसल मोदी अपने मंत्रिमंडल का आकार छोटा रखना चाहते हैं।
मोदी चाहते हैं छोटा मंत्रिमंडल
उनकी इच्छा कैबिनेट मंत्रियों की संख्या कम और राज्य मंत्रियों की संख्या पूर्ववर्ती सरकारों से अधिक रखने की है। मोदी न केवल कई मंत्रालयों के विलय के इच्छुक हैं, बल्कि कई मंत्रालयों को स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्रियों के हवाले करने के पक्ष में भी हैं।
मगर शिवसेना, अकाली दल, टीडीपी, और लोजपा मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए दबाव बना रहे हैं। जबकि कैबिनेट में वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर भी मोदी को मशक्कत करनी पड़ रही है।
गुजरात भवन में हुई बैठक के बारे में अतिविशिष्ट सूत्र ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं ने व्यापक विमर्श के बाद जो सूची तैयार की थी, उसे मनोनीत पीएम को मुहैया करा दिया गया है।
अकाली-शिवसेना का बढ़ा दवाब
मोदी की इच्छा के अनुरूप यह सूची बेहद लंबी है। अब मोदी इस सूची पर विचार विमर्श के बाद वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर इसे अंतिम रूप देंगे।
इससे पहले राजनाथ सिंह ने अपने निवास पर अकाली दल प्रमुख व पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल से मुलाकात की। इस बार अकाली दल बाहर से समर्थन देने की बजाय मंत्रिमंडल में एक पद मांग सकता है।
संघ नेता राम माधव ने भी राजनाथ सिंह से मिलकर संघ का संदेश उन तक पहुंचा दिया।
अब मोदी शनिवार को टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान सहित अन्य सहयोगी दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। जबकि शिवसेना सूत्रों का कहना है कि उनकी ओर से उद्घव ठाकरे एक सूची मोदी को भिजवा देंगे।
पहली बार बने सांसदों की लगेगी लॉटरी
मनोनीत पीएम नरेंद्र मोदी की टीम में नए और पहली बार संसद पहुंचने वाले माननीयों की भी लॉटरी लग सकती है।
मोदी ने ऐसे सांसदों की सूची तलब की है। चूंकि इस बार के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्रियों की जगह राज्य मंत्रियों की संख्या ज्यादा होगी, इसलिए पहली बार संसद पहुंचने वाले तेजतर्रार और कामकाजी छवि वाले सांसदों की लॉटरी लग सकती है।
बिहार-यूपी पर निगाहें
मंत्रिमंडल गठन के मामले में नजरें बिहार और उत्तर प्रदेश पर सबसे ज्यादा है।
इन राज्यों में भाजपा अपने सहयोगियों को नाराज करने का खतरा नहीं उठाना चाहेगी। इसलिए माना जा रहा है लोजपा प्रमुख राम विलास को कैबिनेट में जगह मिलने के साथ ही उपेंद्र कुशवाहा तथा अपना दल की अनुप्रिया को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।