पूरे देश में जीती लेकिन यहां नहीं खुला बीजेपी का खाता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमाक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने लोकसभा चुनाव में 12 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने पिछले चुनावें से थोड़ा बेहतर प्रदर्शन करते हुए 8 सीटों पर कब्जा किया है।
हालांकि देश भर में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली बीजेपी, केरल में अपना खाता भी नहीं खोल पाई और उसे करारी हार झेलनी पड़ी।
पार्टी के उम्मीदवार ओ.राजगोपाल ने अपने प्रतिद्वंदी उम्मीदवार और कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर को तिरुवनंतपुरम सीट पर जबरदस्त टक्कर दी। इसके साथ ही बीजेपी उम्मीदवार ने इस सीट पर एलडीएफ को तीसरे नंबर पर पहुंचा दिया है।
एक सीट पर कांग्रेस को भी बड़ा झटका
यूपीए सरकार में मंत्री रहे केरल के सारे छह उम्मीदवार अपनी-अपनी सीटें बचाने में कामयाब रहे और दोबारा चुनकर संसद में पहुंचने का टिकट मिला, लेकिन राज्य में कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा।
सीपीआई (एम) के लिए इज्जत का सवाल बनी वाताकारा सीट एक बार फिर उसके हाथ से निकल गई। केरल की राजधानी में बीजेपी उम्मीदवार को मिले जबरदस्त वोटों की वजह से एलडीएफ अपनी सीट नहीं बचा पाई और तीसरे स्थान पर खिसक गई।
इस सीट के अलावा पार्टी, अपने काडर वोट जुटाने में भी सफल नहीं हो सकी और उसे निराशा हाथ लगी।
खत्म हुआ जीत का सूखा
हालांकि दो सीटों पर सीपीआई (एम) के उम्मीदवारों ने आशा से बढ़कर प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस कि दिग्गज नेताओं को पटखनी दे दी।
पिछले तीन दशक में एलडीएफ, चालाकुड्डी में लगातार हारती आ रही थी लेकिन इस बार पार्टी ने एक अभिनेता को उम्मीदवार बनाकर उतारा और उसने इस पर पार्टी की जीत का सूखा खत्म कर दिया।
वहीं यूडीएफ से कांग्रेस समर्थित आईयूएमएल, केरल कांग्रेस और आरएसपी ने चार सीटों पर जीत हासिल की। सोशलिस्ट जनता डेमोक्रेटिक एक भी सीट जीतने में नाकाम रही। कांग्रेस ने यहां आठ सीटों पर जीत दर्ज की।