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'मोदी विरोधी' लेखक की मौत पर भाजपा ने छोड़े पटाखे

Sat, 23 Aug 2014 08:53 PM IST
Updated Sat, 23 Aug 2014 08:53 PM IST
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bjp activists booked for celebrating ananthamurthy death

भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रख्यात कन्नड़ लेखक यूआर अनंतमूर्ति की मृत्यु पर पटाखे छोड़कर खुशी मनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।

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मामले में एक और संगठन 'हिंदु जागरण वैदिकी' के कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि चिकमंगलूर के मुदिगीर थाने में भाजपा और हिंदु जागरण वैदिकी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ दंगे करने और गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। ये कार्यकर्ता अनंतमूर्ति का मौत पर खुशी मना रहे थे।
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पुलिस का कहना है कि वारदात की वीडियो फुटेज और सभी आरोपियो की फोटोग्राफ उसके पास है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अनंतमूर्ति ने मोदी की आलोचना

bjp activists booked for celebrating ananthamurthy death

पुलिस के मुताबिक, अनंतमूर्ति की मौत की खबर फैलते ही आरोपियों ने मंगलौर और चिकमंगलूर में चार स्‍थानों पर पटाखे छोड़े। गौरतलब है क‌ि लोकसभा चुनाव से पहले अनंतमूर्ति ने नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी।

उन्होंने कहा‌ था कि मोदी यदि देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो वे देश छोड़ देंगे। हालांकि अनंतमूर्ति की मौत के बाद मोदी ने शोक व्यक्त किया। यूथ कांग्रेस और वाम दलों ने भाजपा और हिंदु जागरण वैदिकी के कार्यकर्ताओं के कृत्य का विरोध किया।

अनंतमूर्ति का दिल का दौरा पड़ने से शुक्रवार को निधन हो गया था। उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

देश के सर्वश्रेष्ठ लेखकों में है अनंतमूर्ति

bjp activists booked for celebrating ananthamurthy death

अनंतमूर्ति को देश के सर्वश्रेष्ठ लेखकों में गिना जाता है। मूर्ति की पहचान कन्नड़ साहित्य में नई आवाज के रूप में थी। 1965 में पब्लिश मूर्ति के उपन्यास ‘संस्कार’ की जाति व्यवस्था पर तीखी बहस शुरू कराने में अहम भूमिका रही है। इस उपन्यास से काफी विवाद भी पैदा हुआ था।

मूर्ति का जन्म 21 दिसंबर 1932 को कर्नाटक के शिमोगा जिले में हुआ था। उन्हें साहित्य क्षेत्र में योगदान के लिए 1998 में पद्म भूषण, 1994 में ज्ञानपीठ सम्मान और 1984 में कर्नाटक राज्योत्सव सम्मान से सम्मानित किया गया था।

2013 में उनका नामांकन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भी हुआ था। 1980 के दशक में वह केरल में महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर भी रहे थे। 

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