कुछ हज यात्री रखते हैं प्रतिबंधित सामान
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हज कमेटी ऑफ इंडिया के सालाना अधिवेशन में हज यात्रा के दौरान होने वाली सभी समस्याओं पर खुल कर बात हुई। इस दौरान उत्तर प्रदेश के हज यात्रियों का मामला छाया रहा। विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह की उपस्थिति में सूबे की हज कमेटी पर सीधा निशाना साधा गया।
दिल्ली हज कमेटी के अध्यक्ष डॉ. परवेज मियां ने कहा कि उत्तर प्रदेश खासतौर पर मुरादाबाद से जाने वाले हज यात्री हमेशा ही परेशानी का कारण बनते हैं। चूंकि राज्य की हज कमेटी सही दिशा-निर्देश नहीं देती, इसलिए हज यात्री अपने साथ यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाएं, गुटखा, खैनी, कफ सिरप, खसखस, ऊद की लकड़ी जैसे सामान साथ ले जाते हैं।
ये सभी चीजें सऊदी अरब में प्रतिबंधित हैं।ऐसे में पकड़े जाने पर शर्मनाक स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस पर विदेश राज्य मंत्री ने भी एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री ने भारतीय हज यात्रियों के बोरियों में सामान लाने पर पूछा था कि क्या इन्हें मानकों के अनुरूप बैग उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।
हज यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
उन्होंने कहा कि हज यात्रा पर जाने वालों को खुद को भारत का राजदूत मानना चाहिए। उन्होंने ऐसी स्थिति न आने देने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का आश्वासन दिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश हज कमेटी द्वारा बीते चार साल से खादिमों को न भेजे जाने और फर्जी अदायी कूपन बांटे जाने का भी मामला उठा।
कमेटी के अध्यक्ष कैसर शमीम ने बताया कि फर्जी कूपन की शिकायतें आने के बाद अब कमेटी की तरफ से आईडीबीआई के कूपन के वितरण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने भविष्य में हज यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन को सौ फीसदी किए जाने और हज यात्रियों को कमेटी की ओर से लगेज बैग उपलब्ध कराने की घोषणा की।
वीके सिंह ने इस साल हज यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि वे औचक निरीक्षण करेंगे और यदि एजेंसियों द्वारा हज यात्रियों को दी जा रही सुविधा में किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।