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आखिर क्यों प्रभु के सामने भड़क गए बीरेंद्र सिंह?

Fri, 17 Apr 2015 09:24 AM IST
Updated Fri, 17 Apr 2015 09:24 AM IST
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Birendra singh targets railway official.

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह रेल मंत्री सुरेश प्रभु के सामने ही रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी पर आगबबूला हो गए। यह घटना बुधवार देर शाम की है।

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उन्होंने रेल मंत्रालय के मेंबर इंजीनियरिंग वीपी गुप्ता की जमकर खबर ली। इस दौरान उन्होंने रेल मंत्री से भी यह कहकर नाराजगी जताई कि उनके मंत्रालय में अफसरशाही हावी है। दरअसल, बीरेंद्र अपने संसदीय क्षेत्र से संबंधित रेल परियोजनाओं के अटके रहने और इस संबंध में पत्र लिखने पर उसका जवाब नहीं दिए जाने से बेहद खफा थे।
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यह घटना तब घटी जब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर अपने कई मंत्रियों, सूबे के प्रभारी अनिल जैन के साथ राज्य की परियोजनाओं और मांगों पर रेल मंत्री के साथ चर्चा कर रहे थे। इस दौरान गुप्ता पर निगाह पड़ते ही बीरेंद्र बुरी तरह नाराज हो गए।
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रेल मंत्री ने चौधरी बीरेंद्र को उनके संसदीय क्षेत्र से संबंधित योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर रुचि लेने का आश्वासन दिया। बताते हैं कि बीरेंद्र अरसे से बरोदा को हाल्ट बनाने, ऊचाना के लिए सालों पर पहले स्वीकृत हुई योजना को अमली जामा पहनाने सहित कुछ अन्य योजनाएं शुरू कराने को अरसे से प्रयासरत हैं।

सीएम खट्टर के सामने हुई घटना

Birendra singh targets railway official.

रेल मंत्री के साथ बैठक में उपस्थित एक चश्मदीद के मुताबिक मेंबर इंजीनियरिंग गुप्ता को देखते ही बीरेंद्र उखड़ गए। उन्होंने गुप्ता से पूछा कि वह उनके पत्र व्यवहार का जवाब क्यों नहीं देते।

इस दौरान उन्होंने कहा कि यह उनकी अंतिम चेतावनी है, परियोजनाओं और मांगों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए, नहीं तो वह इसे मुद्दा बनाने से नहीं चूकेंगे। बीरेंद्र ने लगे हाथ रेल मंत्री पर भी अपना गुस्सा उतारा।

उन्होंने कहा कि अगर नौकरशाही रेल मंत्रालय चलाएगी तो ये अधिकारी जनता का एक भी काम नहीं होने देंगे। माहौल बेहद गर्म हो जाने के बाद रेल मंत्री ने बीच बचाव किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह खुद उनसे संबंधित सारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तलब करेंगे।

इस कहासुनी के बीच मुख्यमंत्री खट्टर और हरियाणा सरकार के मंत्री चुपचाप बैठे रहे। हालांकि इसके बाद ही रेल मंत्री ने चंडीगढ़ शताब्दी और कालका शताब्दी का हरियाणा के कुछ स्टेशनों में ठहराव की मांग स्वीकार कर ली।

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