मांझी ने फिर दिया विवादास्पद बयान
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बिहार के सीएम एक के बाद एक विवादित बयान दे रहे हैं। इस बार उन्होंने शराब पीने की वकालत की है। इससे पहले भी वह लगातार इस तरह के बयान दे चुके हैं।
महादलित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि शाम में काम के बाद अगर लोग दारू पीकर सो जाएं तो मैं उसे बुरा नहीं मानता। वह बिहार के दानापुर में गए थे। उन्होंने इस मुद्दे पर कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सफाई भी दी।
उन्होंने कहा,"मैंने अपने जीवन में कभी शराब को हाथ नहीं लगाया। मैंने कहा है कि अगर शराब पीनी ही है तो दवा के रूप में थोड़ी थोड़ी पिएं।"
इससे पहले कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि,"अगर कोई पाव भर शराब पीकर सो जाए तो मैं उसे बुरा नहीं मानता।"
मांझी ने पहले भी दिया था विवादित बयान
एक समारोह में बोलते हुए बिहार के सीएम जीतनराम मांझी ने कहा था कि छोटे व्यापारियों की जमाखोरी और कालाबाज़ारी को अपराध नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा था कि,"मुझे पता है कि छोटे व्यापारी सामान की जमाखोरी और कालाबाजारी करते हैं ताकि मुनाफे से वो अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें और अपने बच्चों को पढ़ा सकें।"
मांझी ने कहा, "आप चिंता मत कीजिए। सरकार आपको छोटी कालाबाज़ारी और जमाखोरी के लिए सजा नहीं देगी।" मांझी के भाषण के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह भी मौजूद थे।
मांझी ने कहा कि छोटे व्यापारियों द्वारा की जा रही जमाखोरी और कालाबाज़ारी से बाज़ार में सामान की मांग और आपूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि जमाखोरी हो रहे सामान की मात्रा बेहद कम है।