फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   bihar governor takes token salary of Rs 1, return rest amount

नेता हो तो ऐसा, 46 साल से ले रहे हैं 1 रुपया तनख्वाह

Mon, 17 Jun 2013 03:20 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 17 Jun 2013 03:20 PM IST
विज्ञापन
bihar governor takes token salary of Rs 1, return rest amount
आम तौर पर नेता पैसा बनाने और जनता से वादे कर भूल जाने के लिए बदनाम हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें पैसे का मोह नहीं। समाजसेवा में कुछ इस कदर दिल रमा है कि तनख्वाह में सिर्फ 1 रुपया लेना मुनासिब समझते हैं।
विज्ञापन


मुलाकात कीजिए बिहार के राज्यपाल ज्ञानदेव यशवंतराव पाटिल से, जिन्होंने 1 रुपए की टोकन सैलरी की परंपरा कायम रखते हुए अप्रैल और मई की तनख्वाह मिलने के बाद 2,19,998 रुपए लौटा दिए हैं।
विज्ञापन


एसबीआई में पाटिल के सैलरी एकाउंट में 38 रुपए डाले गए हैं। उन्होंने 36 महीने त्रिपुरा के राज्यपाल का पदभार संभाला और दो महीने से बिहार में यही जिम्मा देख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि पाटिल 1967 से तनख्वाह में हर महीने केवल 1 रुपया ले रहे हैँ, जब वह महाराष्ट्र की पनहाला सीट से पहली बार एमएलए बने थे।

इसकी वजह पूछने पर पाटिल का कहना है, 'मुझे पैसे की जरूरत नहीं है। लोग किसी के मरने के बाद उसे इज्जत देते हैं। लेकिन जीवित लोगों की मदद कर उनकी दुआएं लेना इससे कहीं ज्यादा जरूरी है।'
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed