बिहार: लड़कियों को सौगात, मुफ्त मिलेगी उच्च शिक्षा
मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर नौ घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं में युवा, दलित व किसानों को कई सौगातें दीं गईं हैं।
किसानों को जहां धान की खरीद पर 300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस देने की घोषणा की गई है, वहीं अनुसूचित जाति- जनजाति के छात्र-छात्राओं और सामान्य कोटे की छात्राओं को उच्चतर शिक्षा मुफ्त में देने की सौगात दी गई है।
मंगलवार को संवाद भवन में आयोजित कार्यक्रम में रिपोर्ट कार्ड 2014 जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए युवा वर्ग का शिक्षित होना आवश्यक है, लेकिन गरीबी के कारण बच्चे पढ़ नहीं पाते, इसलिए सरकार ने उच्चतर शिक्षा को नि:शुल्क करने का फैसला किया है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आवासीय विद्यालयों में बच्चों की क्षमता भी 28 हजार से बढ़ाकर एक लाख की जाएगी। उर्दू अकादमी के लिए अनुदान राशि भी एक करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ करने की घोषणा की गई।
किसानों को बोनस के साथ छह माह में विद्युत कनेक्शन भी दिया जाएगा। पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए मुंगेर में बानकी कॉलेज खोला जायेगा। उत्तर प्रदेश की तरह बिहार के पुलिसकर्मियों को भी अब 12 के बदले 13 माह का वेतन मिलेगा। एक लाख आबादी वाले शहर में यातायात थाना खोलने की भी बात कही।
गिनाईं अपनी उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि सब जानते हैं कि बिहार में विकास हो रहा है, हालांकि बहुत ऐसे क्षेत्र में विकास होना बाकी है। लेकिन हम हर क्षेत्र में आगे बढ़े हैं। बिहार में अपराध कम हुए हैं।
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के एक भाषण को कोट करते हुए सीएम ने कहा कि हिंदुस्तान को आगे बढ़ना है, तो बिहार को आगे बढ़ाना होगा। हमारी सरकार अमीरी-गरीबी की खाई को पाटना चाहती है।
मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहारी केंद्रीय मंत्रियों को राज्य में न आने देने की बात मजाक में कही थी। मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।