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भाजपा और जद(यू) में दिखने लगी दरार
पूर्णिया/एजेंसी
Updated Sun, 30 Sep 2012 11:43 PM IST
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बिहार में राजग गठबंधन के दो प्रमुख घटकों भाजपा और जद(यू) में दरार दिखने लगी है। अब तक राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी अधिकार यात्रा में हो रहे विरोध से परेशान थे, लेकिन अपने सहयोगी भाजपा ने उनकी परेशानी बढ़ानी शुरू कर दी है। रविवार को भाजपा सांसद उदय सिंह ने ‘वेदना रैली’ निकाल कर नीतीश कुमार पर तीखे हमले किए। साथ ही उन्होंने नीतीश के सुशासन के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया। सिंह ने कहा कि कुमार जमीनी हकीकत से परिचित नहीं हैं, क्योंकि वह चाटुकारों से घिरे हुए हैं।
स्थानीय इंदिरा गांधी स्टेडियम में 70 हजार से भी अधिक लोगों को संबोधित करते हुए पूर्णिया के सांसद उदय सिंह ने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और कहीं भी तरक्की नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग कह रहे हैं कि इतना भ्रष्टाचार तो पहले कभी नहीं था। सिंह ने कहा कि यदि कुमार यह सोच रहे हैं कि जनता के बीच वे आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने अपने पहले कार्यकाल के दौरान थे तो यह उनकी भूल है। मुख्यमंत्री की अधिकार यात्रा में हो रहे विरोध से यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई है।
पूर्णिया से दूसरी बार सांसद बने उदय सिंह अपने क्षेत्र में ठीक उसी समय सभा को संबोधित कर रहे थे, जब अधिकार यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पड़ोसी जिले किशनगंज में जद-यू कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। सिंह ने कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी दोनों पर आरोप लगाया कि वे चाटुकारों से घिरे हुए हैं और जमीनी हकीकत से दूर हैं।
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करीब एक घंटे के संबोधन में उदय सिंह ने राज्य की बीपीएल, महा दलित को तीन डिसमिल जमीन, लोक सेवाओं का अधिकार कानून, सरकार के सुशासन और विकास के दावे पर सवालिया निशान लगाया। सांसद ने मुख्यमंत्री की लोकप्रियता पर सवाल उठाया और संकेत दिया कि आने वाले दिनों में जनता का असंतोष फूटेगा। सिंह ने कहा कि उन्होंने शीर्ष नेताओं तक जनता की समस्याओं को पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह वेदना रैली निकाल रहे हैं। वेदना रैली पीड़ित जनता और गरीबों की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए है।
राज्य में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर सिंह ने कहा कि मुखिया जैसे जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर श्वेतपत्र तैयार करना चाहिए। उन्हें विधायक और सांसदों पर दबाव बनाना चाहिए कि वे इस श्वेतपत्र को सरकार तक पहुंचाएं। पूर्णिया में सत्तारूढ़ दल की एक महिला विधायक और उनके सहयोगी की ओर इशारा करते हुए उदय सिंह ने कहा कि जिले में इन दिनों ‘बंटी और बबली’ की जोड़ी चर्चित है। इस जोड़ी को ठेकेदारी, पुल, सड़क और हर इमारत के निर्माण तथा मनरेगा में हिस्सेदारी चाहिए। यह जोड़ी अपने को मुख्यमंत्री का करीबी बताती है।
मुख्यमंत्री को सावधान रहना चाहिए। उन्हें सोचना चाहिए कि एकाएक भ्रष्टाचार इतना क्यों बढ़ गया है। बिहार में शराब के ठेक खुलवाने पर नीतीश सरकार को आडे़ हाथों लेते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि सरकार राजस्व के लिए शराब के ठेके खोलने के लिए अनुमति दे रही है। गांव गांव में शराब के ठेके खोल रही और कर से होने वाली आय से साइकिल बांट रही है, लेकिन यह उचित नहीं है।
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स्थानीय इंदिरा गांधी स्टेडियम में 70 हजार से भी अधिक लोगों को संबोधित करते हुए पूर्णिया के सांसद उदय सिंह ने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और कहीं भी तरक्की नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग कह रहे हैं कि इतना भ्रष्टाचार तो पहले कभी नहीं था। सिंह ने कहा कि यदि कुमार यह सोच रहे हैं कि जनता के बीच वे आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने अपने पहले कार्यकाल के दौरान थे तो यह उनकी भूल है। मुख्यमंत्री की अधिकार यात्रा में हो रहे विरोध से यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई है।
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पूर्णिया से दूसरी बार सांसद बने उदय सिंह अपने क्षेत्र में ठीक उसी समय सभा को संबोधित कर रहे थे, जब अधिकार यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पड़ोसी जिले किशनगंज में जद-यू कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। सिंह ने कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी दोनों पर आरोप लगाया कि वे चाटुकारों से घिरे हुए हैं और जमीनी हकीकत से दूर हैं।
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करीब एक घंटे के संबोधन में उदय सिंह ने राज्य की बीपीएल, महा दलित को तीन डिसमिल जमीन, लोक सेवाओं का अधिकार कानून, सरकार के सुशासन और विकास के दावे पर सवालिया निशान लगाया। सांसद ने मुख्यमंत्री की लोकप्रियता पर सवाल उठाया और संकेत दिया कि आने वाले दिनों में जनता का असंतोष फूटेगा। सिंह ने कहा कि उन्होंने शीर्ष नेताओं तक जनता की समस्याओं को पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह वेदना रैली निकाल रहे हैं। वेदना रैली पीड़ित जनता और गरीबों की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए है।
राज्य में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर सिंह ने कहा कि मुखिया जैसे जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर श्वेतपत्र तैयार करना चाहिए। उन्हें विधायक और सांसदों पर दबाव बनाना चाहिए कि वे इस श्वेतपत्र को सरकार तक पहुंचाएं। पूर्णिया में सत्तारूढ़ दल की एक महिला विधायक और उनके सहयोगी की ओर इशारा करते हुए उदय सिंह ने कहा कि जिले में इन दिनों ‘बंटी और बबली’ की जोड़ी चर्चित है। इस जोड़ी को ठेकेदारी, पुल, सड़क और हर इमारत के निर्माण तथा मनरेगा में हिस्सेदारी चाहिए। यह जोड़ी अपने को मुख्यमंत्री का करीबी बताती है।
मुख्यमंत्री को सावधान रहना चाहिए। उन्हें सोचना चाहिए कि एकाएक भ्रष्टाचार इतना क्यों बढ़ गया है। बिहार में शराब के ठेक खुलवाने पर नीतीश सरकार को आडे़ हाथों लेते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि सरकार राजस्व के लिए शराब के ठेके खोलने के लिए अनुमति दे रही है। गांव गांव में शराब के ठेके खोल रही और कर से होने वाली आय से साइकिल बांट रही है, लेकिन यह उचित नहीं है।