महाराष्ट्र में शिवाजी पर हक जताने की होड़
चुनावी घमासान के बीच महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज पर हक जताने की होड़ लग गई है। इस चक्कर में राजनीतिक पार्टियां में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
शिवाजी के नाम का इस्तेमाल भाजपा भी कर रही है। इससे शिवसेना आगबबूला हो गई है। एनसीपी ने भी भाजपा के विज्ञापन पर सवाल उठाया है।
उधर, चुनाव आयोग ने कांग्रेस के विज्ञापन पर नोटिस भेजा है, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की परेशानी बढ़ सकती है।
भाजपा चुनाव में शिवाजी के आशीर्वाद के साथ वोट मांग रही है, जो शिवसेना को मंजूर नहीं है। दरअसल, शिवसेना छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीति करती है। इसलिए उन पर अपना एकाधिकार समझती है।
शिवसेना और एनसीपी ने उठाई आपत्ति
पहले शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने यह कहकर भाजपा की खिल्ली उड़ाई कि जिसने कभी शिवाजी जयंती नहीं मनाई वे भी चुनाव में शिवाजी का नाम भुना रहे हैं।
इसके जवाब में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवाजी महाराज शिवसेना की प्राईवेट प्रापर्टी नहीं हैं। शिवाजी जयंती पर शिवसेना के लोग हफ्ता मांगते हैं।
जवाबी हमले में उद्धव ने कहा कि क्या भाजपा 25 साल तक शिवसेना के साथ इस हफ्ताखोरी में शामिल नहीं थी?
भाजपा कांग्रेस-एनसीपी पर महाराष्ट्र को बर्बाद करने का आरोप लगा रही है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने इसे महाराष्ट्र का अपमान बताया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भाजपा के शिवाजी महाराज के प्रेम को भी ढोंग करार दिया है।
पवार के इस पैतरे पर भाजपा की ओर से मोदी ने उन्हें याद दिलाया है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ही मुंबई एयरपोर्ट और विक्टोरिया टर्मिनस का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखा था।