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बेईमानी में नौकरशाही का बड़ा हाथ: शिवपाल

Wed, 21 Nov 2012 11:10 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Wed, 21 Nov 2012 11:10 AM IST
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big role of bureaucracy in corruption says shivpal

उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि बेईमानी में नौकरशाही का बड़ा हाथ है। नौकरशाही सचेत और सावधान रहे तो बहुत सी दिक्कतें दूर हो सकती हैं। पिछली सरकार (बसपा) में सहकारिता विभाग में कई घोटाले सामने आए हैं। इनके कारण विभाग कमजोर हुआ। नौकरशाही ने भी सहकारिता आंदोलन को कमजोर किया।

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यादव ने घोषणा की कि सहकारी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए जल्द ही सरकार कई कदम उठाने जा रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक ऐसी सहकारी समिति गठित की जाएगी, जिसमें शत-प्रतिशत महिलाएं ही होंगी। इस समिति को सस्ते ब्याज दर पर कर्ज दिया दिया जाएगा, जिससे महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
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सहकारिता मंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी गड़बड़ी में लिप्त मिले उन पर मुकदमा कराकर जेल भेज दिया जाएगा। यादव मंगलवार को यहां सहकारिता भवन सभागार में सहकारी सप्ताह का समापन कर रहे थे।
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बसपा सरकार ने किया घोटाला
यादव ने कहा कि हर काम में अड़चन पैदा करना कुछ अधिकारियों की प्रवृत्ति बन गई है। ऐसे अधिकारी व कर्मचारी पहले ही दिन से ही नकारात्मक सोच के साथ काम करते हैं। ऐसे तरीके खोजते रहते हैं जो कामों में बाधा डाले। मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में कई घोटाले सामने आए। इन घोटालों ने सहकारी संस्थाओं को कमजोर किया। सहकारी ग्राम्य विकास बैंक इसका उदाहरण है।

सपा के शासन में रहते इस बैंक का लाभ 700 करोड़ रुपया पहुंच गया था। बसपा की सरकार बनी तो यह बैंक आज 1400 करोड़ रुपये के घाटे में पहुंच गया है। चेतावनी दी कि पिछली सरकार जैसा काम इस शासन में नहीं चलेगा। गड़बड़ी करने वालों को कठोर सजा दी जाएगी।


ऋण माफी के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था
उन्होंने कहा कि किसानों की ऋण माफी के लिए सरकार ने बजट में 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। जल्द ही ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यादव ने कहा कि सहकारी समितियों का कार्यकाल इसलिए घटाना पड़ा क्योंकि ज्यादातर लोगों ने गलत तरीके से सहकारी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया था। जल्द ही यह कार्यकाल 5 साल कर दिया जाएगा। पैकफेड के प्रबंध निदेशक रामहित गुप्ता ने बताया कि उनकी संस्था 10 करोड़ के लाभ में है।

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