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'कमला बेनीवाल पर थे गंभीर आरोप इसलिए हुई कार्रवाई'

Fri, 08 Aug 2014 09:24 AM IST
Updated Fri, 08 Aug 2014 09:24 AM IST
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Big political drama on kamla beniwal termination

मिजोरम की राज्यपाल कमला बेनीवाल की बर्खास्तगी पर राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। विपक्षी पार्टियों ने इसे बदले की राजनीति बताया है तो सरकार ने सफाई दी है कि उन्हें संविधान के दायरे में रहते हुए हटाया गया है।

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सरकार ने बेनीवाल के खिलाफ गंभीर आरोप होने का हवाला दिया है। कांग्रेस ने सरकार पर सवाल दागा है कि बेनीवाल को बर्खास्त ही करना था तो उन्हें मिजोरम क्यों भेजा गया।
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बेनीवाल की बर्खास्तगी को लेकर समूचा विपक्ष एकजुट है। कांग्रेस, सपा, बसपा, जदयू और वामदलों ने सरकार के इस कदम का तीखा विरोध किया है।

'ये राजनीतिक बदला है'

Big political drama on kamla beniwal termination

वहीं संसदीय मामलों के मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि बेनीवाल की बर्खास्तगी संविधान के अनुरूप हुई है। राष्ट्रपति ने इसकी अनुमति दी है। कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि ये संवैधानिक तुच्छता का उदाहरण है।

उन्हें हटाना ही था तो मिजोरम क्यों भेजा गया। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि ये राजनीतिक बदला है। ये सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का उल्लंघन है।

दूसरी तरफ कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यपाल को हटाने के फैसले को सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति का विशेषाधिकार बताया है।

सपा-बसपा ने दी सफाई

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सपा ने इसे बदले की राजनीति करार दिया है तो बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि हम इसका विरोध करते हैं। ये सही तरीका नहीं है। जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि सरकार को बहुमत मिल गया है तो वह मनमर्जी से काम कर रही है।

लोकतंत्र में ऐसी चीजें बर्दास्त नहीं की जाएंगी। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इसे राजनीतिक दुराग्रह से प्रभावित निर्णय बताया है।

गौरतलब है कि पहले बेनीवाल को गुजरात से मिजोरम भेजा गया और वहां पहुंचने के महज एक महीने बाद ही उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। बेनीवाल का कार्यकाल खत्म होने में दो महीने ही शेष थे।

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बेनीवाल पर आरोप

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1. मिजोरम में राज्यपाल के तौर पर एक महीने पहले हुई तैनाती के बाद से वहां बेनीवाल ने कथित तौर पर सिर्फ एक ही दिन बिताया, जबकि ज्यादातर वक्त गृह राज्य राजस्थान में रहीं।

2. बेनीवाल पर सरकारी खर्चे पर बार-बार हवाई यात्राएं करने का आरोप भी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक 2011 से 2014 के दौरान बेनीवाल ने सरकारी विमान से 63 बार यात्राएं कीं। इनमें से 53 बार वह जयपुर गईं।

3. राजस्थान के भूमि घोटाले में भी उछल चुका है बेनीवाल का नाम।

रिश्तों में पुरानी खटास भी थी

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गुजरात के राज्यपाल के रूप में कमला बेनीवाल और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच रिश्ते कड़वाहट भरे रह चुके हैं।

बेनीवाल ने जस्टिस आरए मेहता को गुजरात का लोकायुक्त नियुक्त कर दिया था, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने पहले हाईकोर्ट में फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील की। कोर्ट ने इसे बरकरार रखा।

हालांकि बाद में जस्टिस मेहता ने पद स्वीकार नहीं किया और मोदी सरकार ने नया नाम तय किया था। इसके अलावा उपकुलपतियों की नियुक्तियों और कुछ विधेयकों पर भी बेनीवाल और गुजरात सरकार के बीच गहरे मतभेद सामने आए थे।

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