मोदी की आंधी में उड़ गए UP के बड़े-बड़े दिग्गज
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देश ही नहीं बागपत लोकसभा क्षेत्र में भी नमो लहर की आंधी ऐसी चली कि अपने ही बेगाने हो गए। तीन विधायक और खुद एमएलसी होते हुए भी बसपा प्रत्याशी प्रशांत चौधरी अपनी जमानत भी नहीं बचा सके।
वहीं, अपनों का हाथ ऐसा छूटा कि छोटे चौधरी राजनीतिक विरासत खो बैठे। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर की पहचान के साथ अपने पैतृक जनपद बागपत से राजनीतिक करियर शुरू करने की हसरत लेकर लौटे सत्यपाल सिंह वोटरों के लिए नया चेहरा थे।
वोट बैंक भी हुए धवस्त
उनके साथ न कोई विधायक, ना मंत्री और न ही परंपरागत वोट बैंक था। हां नमो का सहारा था, इसी आंधी ने दिग्गजों की पगड़ी उड़ा दी।
लोकसभा क्षेत्र में 141743 वोट लेकर चौथे नंबर पर रहे एमएलसी बसपा प्रत्याशी प्रशांत चौधरी को उनकी विधायक पत्नी विधायक हेमलता चौधरी (बागपत विधानसभा), बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित और गुर्जर समाज एवं बसपा के परंपरागत वोट बैंक का सहारा था।
मगर चुनावी पगडंडी पर बसपा के परंपरागत वोट बैंक ने भी नमो का जाप कर उनका साथ छोड़ दिया। ऐसा ही हाल रालोद मुखिया अजित सिंह का हुआ। मोदीनगर में उनकी पार्टी का विधायक होने के बावजूद वह यहां चौथे नंबर पर रहे।