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कश्मीर में हुआ 25,000 करोड़ का घोटाला

Sun, 09 Mar 2014 12:11 PM IST
Updated Sun, 09 Mar 2014 12:11 PM IST
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big expose 25,000 crore scam in Kashmir

जम्मू कश्मीर में प्रमुख लेखाकार (सीएजी) ने रोशनी एक्ट के तहत हुए 25,500 करोड़ रुपये के घोटाले की रिपोर्ट दी है। यह घोटाला अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है।

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सीएजी ने कहा है कि दस लाख कनाल जमीन पर अतिक्रमण किया गया था, रोशनी एक्ट लागू होते ही यह आंकड़ा बीस लाख पहुंच गया। अतिक्रमण करने वाले अधिकतर लोग राजनेता और नौकरशाह हैं।
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जम्मू में प्रमुख लेखाकार सुभाष चंद्र पांडे ने कहा कि वर्ष 2001 में रोशनी एक्ट लागू हुआ। इस एक्ट को लागू करने का मकसद राजस्व जमा करके बिजली क्षेत्र और अन्य संस्थानों का विकास करना था।
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वर्ष 2006 से लगातार सरकार से रिपोर्ट मांगी जा रही थी कि कितने लोगों को रोशनी एक्ट का लाभ दिया गया। सरकार ने मुख्य सचिव, मंडलायुक्त और डीसी से रिपोर्ट मांगी और अभी तक पूरी रिपोर्ट पेश नहीं हुई।

सीएजी को 547 केसों की ही सूची सौंपी गई, जिसमें 666 कनाल जमीन को रोशनी एक्ट के तहत नियमित किया गया। इस जमीन से मार्केट प्राइज से 325 करोड़ रुपये हासिल होने थे। सरकार को केवल सौ करोड़ ही मिल पाए और 225 करोड़ रुपये इनसेंटिव दिए गए।

नही उठा सके रोशनी एक्ट का लाभ

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रोशनी एक्ट लागू होने से पहले लोगों के पास दस लाख कनाल सरकारी जमीन कब्जे में थी। एक्ट में प्रावधान था कि 1990 से पहले जिसके पास सरकारी जमीन का कब्जा है, वह ही इस एक्ट का लाभ उठा सकेंगे। वर्ष 2004 और 2007 में संशोधन हुआ और उसमें 1990 का प्रावधान काट दिया गया।

नए कानून की सूचना लीक हुई। इससे कई लोगों ने खाली पड़ी जमीन पर भी कब्जा कर लिया। सरकारी जमीन पर कब्जे का आंकड़ा दस लाख कनाल से बीस लाख कनाल तक पहुंच गया। कब्जा करने वाले 547 लोगों में से भी अधिकतर लोग राजनेता और नौकरशाह हैं, जिनके नाम नहीं बताए गए। बीस लाख कनाल जमीन पर कब्जा होने से 25,500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और सरकार को घाटा हुआ।

इस घाटे का आकलन 2006 का है और 2014 में जमीनों के रेट काफी बढ़ गए हैं। हालांकि रोशनी एक्ट में नीलामी का भी प्रावधान था और सरकार ने राहत देकर कृषि योग्य जमीन को भी मुफ्त में अलाट कर दिया। इसकी रिपोर्ट अगर सही समय पर दी जाती तो सीएजी रिपोर्ट सितंबर, 2013 को सौंप देती। रिपोर्ट का इंतजार होता रहा और मार्च में बजट सत्र में रिपोर्ट पेश करनी पड़ी।

सरकार ने कराई है जांच

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राजस्व राज्य मंत्री एजाज खान ने सीएजी के आरोपों का खंडन किया। उनका कहना है सरकार ने सीएजी को पूरा सहयोग दिया है। रोशनी एक्ट के तहत जो कमियां पाई गईं या फिर शिकायतें मिली हैं, उन्हें दूर किया गया है। शिकायतों पर विभागीय स्तर की कमेटियां भी बनाईं और जो केस साबित नहीं हुए, उन केसों को रद्द कर दिया गया।

क्या है रोशनी एक्ट
रोशनी एक्ट के तहत जिन लोगों के पास सरकारी जमीन पर कब्जा है। वह जमीन उन्हीं लोगों को अलाट किए जाने का प्रावधान है। व्यावसायिक और शहरी क्षेत्रों की जमीन पर मार्केट रेट वसूलने और कृषि योग्य जमीन को सस्ते दामों पर अलाट करने का भी प्रावधान शामिल है।

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