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मेडिकल सीट के लिए लगती है बोली, कीमत चार करोड़ तक
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 13 Sep 2013 04:15 PM IST
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चेन्नई के एक मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स की एक सीट की कीमत चार करोड़ रुपए है। उस पर भी यह सीट आसानी से नहीं मिलती बल्कि नीलामी में पैसा खर्च कर खरीदनी पड़ती है।
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टीओआई की खबर के मुताबिक चेन्नई के एक मेडिकल कॉलेज के ऑडीटोरियम में पोस्ट ग्रेजुएट सीटों की नीलामी के लिए स्टूडेंट के घरवाले इकट्ठे हुए थे और फिर सीटों की बोली लगी।
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यहां पर रेडियोलॉजी में एमडी की एक सीट के लिए एक करोड़ की बोली लगी। फिर 25 लाख और बढ़े और दो घंटे तक चली नीलामी के बाद सीट चार करोड़ में बिकी।
इसी तरह बैंगलोर के कॉलेज में इस कोर्स में सीट की कीमत तीन से साढ़े तीन करोड़ रुपए है।
इसी तरह यहां अन्य सीटें भी बिकीं। जिनकी कीमत भी करोड़ों में है। इनमें ऑर्थोपेडिक्स और डर्मेटॉलोजी की सीट एक से डेढ़ करोड़ के बीच थी। एक पीडियाट्रिक सीट की कीमत 1.6 करोड़ रुपए है।
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परिवार और स्टूडेंट्स हैं परेशान
स्टुडेंट्स के परिवार इस तरह की नीलामी से परेशान हैं। उनका कहना है कि यह प्रोपर्टी खरीदने जैसा है। जितना आपके पास पैसा हो उतना अच्छा घर खरीदो। इससे लगता है कि जैसे केवल अमीर लोग ही यहां कोर्सेज कर सकते हैं।
बच्चों की मौजूदगी में यहां बोली लगती है। जिनके माता-पिता के पास इतना पैसा नहीं है उन्हें अपना जीवन निराशा में नजर आता है।
देश में सीटों की कमी
कॉलेज का कहना है कि नीलामी के वजह देश में रेडियोलॉजी की सीटों की कमी होना है। यहां हर साल केवल 683 सीट ही उपलब्ध होती हैं। कोर्स करने वाले अधिक होने से सीटों की कीमत बढ़ जाती है।
कॉलेज मैनेजमेंट का कहना है कि उन्होंने सीटें बढ़ाने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में कहा था लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
कॉलेज का कहना है कि अगर वे किसी कोर्स के लिए कुछ ही विद्यार्थियों को प्रवेश देते हैं तो कोर्स की लागत बहुत बढ़ जाती है। तब उसका इंतजाम कहां से होगा। अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट सीटो की संख्या में बहुत अंतर है।