नसबंदी ऑपरेशन में साइकिल पंप का इस्तेमाल
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ओडिशा में अंगुल जिले के पास चल रहे एक सरकारी महिला नसबंदी शिविर में ऑपरेशन के दौरान साइकल में हवा भरने वाले पंप का इस्तेमाल किया गया।
नसबंदी के ऑपरेशन में महिला के पेट में कार्बनडाइऑक्सआइड भरी जाती है जिसके लिए तय उपकरणों की जगह इस शिविर में साइकल में हवा भरने वाले पंप का इस्तेमाल हुआ। इस मामले के सामने आने के बाद काफी विवाद खड़ा हुआ।
हालांकि इस पूरे मामले में ऑपरेशन करने वाले सर्जन और जिला स्वास्थ अधिकारियों ने इसे 'रुटीन ऑपरेशन' बताया। सर्जन का कहना था कि नसबंदी के ऑपरेशन में पेट को फुलाने के लिए इस तरह साइकल के पंप से हवा भरना आम बात है।
छत्तीसगढ़ में नसबंदी कैंपों में महिलाओं की मौत को बहुत वक्त नहीं हुआ है कि ओडिशा में सरकारी नसबंदी कैंप में इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है।
डॉक्टर की दलील.. ऐसा करना आम बात
इस मामले में महिला का ऑपरेशन करने वाले सर्जन डॉ महेश चंद्र राओत का कहना है कि राज्य में जब भी इस तरह के नसबंदी कैंप लगाए जाते हैं और हमारे पास सभी उपकरण नहीं होते हैं तो इसी तरह साइकल के पंप का इस्तेमाल किया जाता है। डॉक्टर ने दलील दी कि इसमें कोई बखेड़ा खड़ा करने वाली बात नहीं है। ऐसा करना पूरी तरह सुरक्षित है।
डॉक्टर ने यह दावा भी किया कि उन्होने 2012 से 2013 में पूरे राज्य में 60 हजार से भी ज्यादा नसबंदी के ऑपरेशन किए हैं और इसके लिए उन्हें नवीन पटनायक से पुरस्कार भी मिल चुका है।
हालांकि पूरे मामले की जांच के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं लेकिन वहीं दूसरी ओर जिले के मुख्य स्वास्थ अधिकारी भी सर्जन की बात पर सहमति जता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर स्त्री रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह से किसी की जान भी जा सकती है।
तस्वीर- टीओआई