'कश्मीर को अलग करना मतलब भारतीय मुसलमान के अधिकारों का समर्पण'
भाजपा सांसद और जाने माने पत्रकार एमजे अकबर ने शनिवार को कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और क्योंकि यह एक मुस्लिम राज्य है इसलिए इसे अलग करना मुस्लिमों के अधिकारों का समर्पण होगा।
भारत के वाह्य खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के संस्थापक रामनाथ काव की समृति में आयोजित एक समारोह में ‘द रोमांस ऑफ रिग्रेसन : कैलिफेट वर्सस मॉडर्निटी’ विषय पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा, ‘हम पहले ही दो देशों (विभाजन) के सिद्धांत पर समर्पण कर चुके हैं। हम स्थायी तौर पर ऐसा नहीं कर सकते।’ उन्होंने विश्व में आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट के बढ़ते खतरे के परिप्रेक्ष्य में उसके विरुद्ध यह बात कही।
अकबर ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा संघर्ष, भले ही कोई इसे समझे या नहीं, लेकिन यह इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार चल रहा युद्ध है।
मतभेद किस बात को लेकर है?
उन्होंने कहा, ‘मतभेद किस बात को लेकर है? यह भौगोलिक कारणों से नहीं बल्कि
आदर्शों से जुड़ा है। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। खास तौर से इसलिए
क्योंकि यह मुस्लिम राज्य है। भारतीय संविधान धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं
करता है।’
इस्लामिक स्टेट के उभरते खतरों पर अकबर ने कहा, ‘जहां
आधुनिकता असफल हो चुकी है या नहीं पहुंच पाई है वहां खालीपन वापसी के
रोमांस से भरा जा रहा है।’