'मोदी को फंसाना चाहती थी यूपीए सरकार'
अफजल गुरु पर पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम और इशरत जहां मामले में पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई के बयान की गूंज शुक्रवार को लोकसभा में भी सुनाई दी।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने सदन में यह मामला उठाया और आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार अपने धुर विरोधी गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को फंसाना चाहती थी।
इस पर विपक्ष के कुछ सदस्यों ने एतराज जताया, जिस पर भाजपा ने कहा कि ठाकुर ने इस संदर्भ में पहले ही नोटिस दे दिया है।
ठाकुर ने चिदंबरम के बयान का किया जिक्र
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापन से ठीक पहले अनुराग ठाकुर ने उस
रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें पिल्लई ने कहा था कि इशरत मामले में 2009
में गुजरात हाईकोर्ट में दाखिल एफिडेविट में राजनीतिक स्तर पर बदलाव किए गए
थे।
ठाकुर ने चिदंबरम के बयान का भी जिक्र किया। कांग्रेस नेता ने
कहा था कि अफजल गुरु के केस में शायद सही फैसला नहीं हुआ। भाजपा सांसद के
अनुसार पूर्व की सरकार साजिश के जरिये अपने राजनीतिक विरोधियों को फंसाना
चाहती थी।
देश जानना चाहता है कि एफिडेविट में किसने बदलाव किया था। दूसरी
ओर कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने लोकसभा
अध्यक्ष द्वारा कुछ चुने हुए सदस्यों को बोलने की इजाजत देने पर एतराज
जताया।