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आंदोलन का सियासी असर, बीजेपी नेता हुए परेशान

Mon, 22 Feb 2016 08:25 AM IST
Updated Mon, 22 Feb 2016 08:25 AM IST
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bhartiya janta party in trouble during jat reservation movement

जाट आरक्षण पर हिंसक आंदोलन के प्रति खट्टर सरकार के बाद अब केंद्र सरकार की ओर से अपनाए जा रहे नरम रुख ने हरियाणा भाजपा के कद्दावर गैरजाट नेताओं की परेशानी बढ़ा दी है। इन नेताओं को लगता है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनाई जा रही इस नरमी के कारण कहीं उनका सियासी कैरियर मटियामेट न हो जाए।

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यही कारण है कि आंदोलनकारियों के प्रति नरम रुख के बाद गैरजाट सांसद राजकुमार सैनी केखिलाफ भाजपा नेतृत्व की कार्रवाई की घोषणा के बाद गैरजाट नेता अपने अपने हिसाब से अपने वोट बैंक को सहेजने में जुट गए हैं।
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गैरजाटों में बढ़ती नाराजगी थामने इलाके में डेरा डाल चुके केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने जहां कहा है कि कोई भी समुदाय गर्दन पर चाकू रख कर अपनी बात नहीं मनवा सकता। जबकि दूसरे केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने आंदोलन के दौरान व्यापक हिंसा की कड़ी निंदा की है।
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जाट आंदोलनकारियों के प्रति बेहद नरम

bhartiya janta party in trouble during jat reservation movement

भाजपा नेतृत्व अगर अपनी घोषणा के अनुसार आंदोलन के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सांसद सैनी के खिलाफ कार्रवाई करता है तो राज्य में गैरजाट नेता निकट भविष्य में इस फैसले के खिलाफ मुखर हो सकते हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और पांच राज्यों में व्यापक राजनीतिक असर रखने के कारण केंद्र का रुख जाट आंदोलनकारियों के प्रति बेहद नरम है।

आंदोलन के शुरुआती दौर में ही पार्टी नेतृत्व और केंद्र ने खट्टर सरकार को सख्ती बरतने के बदले हालात संभालने के निर्देश दिए थे। बाद में स्थिति बिगड़ने के बाद केंद्र ने वहां सेना तो भेजा मगर हालात से निपटने के कोई अधिकार नहीं दिए।

यही कारण है कि पहली बार सेना को कई जगहों पर आंदोलनकारियों ने वापस भेज दिया तो झज्जर में आगजनी के बीच स्थानीय प्रशासन ने सेना को धर्मशाला में आराम करने की सलाह दी। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन पर एक वर्ग विशेष का प्रभाव होने के कारण भी राज्य सरकार को हालात से निपटने में मदद नहीं मिल रही।

प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक नरम रुख से उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय पार्टी का साथ देंगे या नहीं यह तो नहीं पता, मगर पार्टी को यहां गैरजाटों से हाथ धोना पड़ेगा। उक्त नेता के मुताबिक जिस प्रकार चुन चुन कर गैरजाट बिरादरी के लोगों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है, उससे यह साबित होता है कि आंदोलन की आड़ में राज्य के गैरजाट नेतृत्व के खिलाफ साजिश रची गई है।

मजे की बात यह है कि राज्य में मुख्यमंत्री विरोधी गुट इस आंदोलन के कारण नेतृत्व परिवर्तन की भी उम्मीदें पाले बैठा है।

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