मालदा हिंसा पर भाजपा ने ममता को घेरा
भाजपा ने मालदा हिंसा पर ममता बनर्जी की सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की और इस मामले पर राज्यपाल से निष्पक्ष रिपोर्ट मंगाने की मांग की है। राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में भाजपा ने मालदा हिंसा में राज्य सरकार की निष्क्रियता पर सवाल खड़े किए हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
राष्ट्रपति को सौंपे दूसरे ज्ञापन में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के पुत्र द्वारा वायु सेना के जवान की हत्या पर भी राज्य सरकार की निष्क्रियता का मामला उठाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है जवान गणतंत्र दिवस परेड के लिए रिहर्सल कर रहा था, उसी समय उसकी हत्या की गई।
ममता का संरक्षण है प्राप्त
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मालदा में
हिंसक भीड़ ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए। मालदा की हिंसा देश
की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है।
वोट बैंक की राजनीति ने आंतरिक सुरक्षा
को खतरे में डाल दिया है। इसलिए गवर्नर से रिपोर्ट मंगाकर सच्चाई जानना
जरूरी हो गया है। दुखद है कि इस हिंसा पर ममता मुखर्जी ने कहा कि लोगों को
बीएसएफ से समस्या थी इसलिए हिंसा हुई।
उन्होंने सवाल किया कि पुलिस स्टेशन
को क्यों जलाया गया। दरअसल हिंसा फैलाने वाले लोग फर्जी करेंसी, अफीम की
खेती से जुड़े असामाजिक तत्व थे। वे आपराधिक रिकार्ड खत्म करना चाहते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा फैलाने वालों को ममता बनर्जी का संरक्षण
प्राप्त है।