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भजिया का ऑर्डर लेने वाला अब कोर्ट में देगा ऑर्डर

Tue, 28 May 2013 03:21 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 28 May 2013 03:21 PM IST
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bhajia seller became judge in court

वह 18 साल से लोगों से भजिया का ऑर्डर लेकर उन्हें सर्व करते रहे और अब वह जल्द ही कोर्ट में जज बनकर ऑर्डर देने वाले हैं।

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यह सफर है चिखली के समरौली गांव में रहने सुभाष त्रिपाठी का जो चिखली बसस्टॉप के बाहर अपने पिता के साथ भजिया का ठेला लगाते हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार सुभाष त्रिपाठी एक सिविल जज के तौर पर अपनी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। चिखली कोर्ट में पांच साल से वकील के तौर पर प्रेक्टिस कर रहे सुभाष ने हाल ही में सिविल जज की परीक्षा पास की है।
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सुभाष त्रिपाठी का परिवार वाराणसी से सूरत के नजदीक छिकली में विस्थापित हुआ था। चिखली में वह समरौली गांव में एक छोटे से घर में रहते हैं।

6 साल की उम्र से पिता की मदद
सुभाष के पिताजी ने सन् 1987 से चिखली बस स्टॉप के बाहर भजिया बेचना शुरू किया था। तब सुभाष की उम्र केवल 6 साल थी और तब से वह अपने पिता के काम में मदद कर रहे हैं।
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सुभाष का कहना है की मुश्किलों के दिनों में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

उन्होंने 12वीं में 83 फीसदी अंक प्राप्त किए थे और वह एक डॉक्टर बनना चाहते थे। उसी दौरान पिता का दिल का दौरा पड़ने से उनकी तबीयत बिगड़ गई और 6 लोगों के परिवार की माली हालत बहुत बिगड़ गई।

तब उन्होंने पिता के इस काम को पूरी तरह संभाला। उन्होंने बताया कि वह 12 घंटे तक भजिया बेचने और प्लेटें साफ करने का काम किया करते थे और बहुत मुश्किल से घर का गुजारा करते थे।


subhash tripathiसाइंस के साथ की एलएलबी

सुभाष ने बताया कि 12वीं की परीक्षा में उनके केवल 55 फीसदी अंक आए और तब उन्होंने फार्मेसी कॉलेज में प्रवेश लेने के बारे में सोचा।

लेकिन घर की जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने कैमिस्ट्री में ग्रेजुएशन की और बाद में विज्ञान के साथ-साथ एलएलबी करने का भी निर्णय लिया।

अब भी आता है भजिया बनाने में मजा
जज बनने का इंतजार कर रहे सुभाष कोकोनट पैटीज बनाने में अब भी खुशी अनुभव करते हैं। वह गर्व के साथ कहते हैं कि लोगों के लिए खाना बनाते का मौका कम ही लोगों को मिल पाता है।

पिता फूले नहीं समाए
सुभाष के पिता दीनानाथ अपने बेटे की उपलब्धि के बारे में बात करते नहीं थकते हैं। वह कहते हैं कि अपने बेटे को जज की कुर्सी पर बैठे देखने का वह बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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