फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   RSS Bhagwat-Singhal's statements put Governement's Economic planning in trouble

मोदी के एजेंडे में भागवत-सिंघल बने रोड़ा

Mon, 22 Dec 2014 01:29 PM IST
Updated Mon, 22 Dec 2014 01:29 PM IST
विज्ञापन
RSS Bhagwat-Singhal's statements put Governement's Economic planning in trouble

संसद के शीतकालीन सत्र के बचे हुए दिनों में महत्वपूर्ण आर्थिक बिलों को पारित कराने की कोशिश में जुटी मोदी सरकार की मुश्किलें संघ प्रमुख मोहन भागवत और विहिप नेता अशोक सिंघल के धर्मांतरण पर उग्र बयानों ने बढ़ा दी हैं।

विज्ञापन


इन दोनों नेताओं के बयानों के चलते कोयला, बीमा जैसे अहम आर्थिक बिलों पर विपक्ष खासकर कांग्रेस को मनाने में जुटे सरकार के रणनीतिकारों को नाकामी हाथ लगी है।
विज्ञापन


विपक्ष पहले से ही राज्यसभा में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरे हुए है और कोई कामकाज नहीं होने दे रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं के बयानों ने विपक्ष के गुस्से को भड़काने का ही काम किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन हालात में विपक्ष के मानने की दूर तक कोई उम्मीद नहीं दिखती। इसी को देखते हुए सरकार भी अब कोयला और बीमा बिल पर अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है।

आर्थिक एजेंडे को झटका

RSS Bhagwat-Singhal's statements put Governement's Economic planning in trouble

धर्मांतरण के मामले पर संघ और उसके सहयोगी संगठनों के सुर में अचानक आई तेजी को सरकार और संघ के बीच टकराव के रूप में देखा जा रहा है। संघ की मांगों को नजरअंदाज करने पर भागवत के बयान को मोदी सरकार के लिए चेतावनी माना जा रहा है।

शनिवार को भागवत ने लुटा माल वापस लाने की बात कह धर्मांतरण पर जारी विवाद को और भड़का दिया। वहीं रविवार को एक कदम आगे बढ़ते हुए विहिप के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल ने मुसलमानों और ईसाईयों को विश्व युद्ध का खिलाड़ी करार देकर शीत सत्र में शांति की रही सही गुंजाइश भी खत्म कर दी।

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी इस विवाद पर न केवल संघ प्रमुख के समक्ष नाराजगी जता चुके हैं, बल्कि उन्होंने संसदीय दल की बैठक में हर हाल में विकास का ही एजेंडा जारी रखने की बात कर बड़बोले सांसदों को सरकार को सीधी चेतावनी भी दी थी लेकिन लगता है इसका कोई असर नहीं हुआ।

सरकार ने एक वरिष्ठ मंत्री ने स्वीकार किया कि बीमा, कोयला और कंपनी बिल पर विपक्ष खासतौर से कांग्रेस को मनाने की कोशिश नाकाम रही है। उनके मुताबिक भागवत और सिंघल के बयान के बाद अब विपक्ष के मानने का कोई सवाल नहीं है।

भविष्य की रणनीति के संबंध में मंत्री का कहना था कि फिलहाल लोकसभा से पारित कोयला बिल पर अध्यादेश जारी होना लगभग तय है। बीमा बिल पर अध्यादेश के लिए इसे राज्यसभा में पेश किया जाना जरूरी है। अगर किसी तरह यह बिल पेश करने में सफलता मिली तो इस पर भी अध्यादेश की राह अपनाई जा सकती है।

सरकार-संघ में बढ़ी तकरार

RSS Bhagwat-Singhal's statements put Governement's Economic planning in trouble

मोदी सरकार के 7 महीने के कार्यकाल में एक भी सुझाव या मांग नहीं माने जाने से संघ परिवार खफा है। संघ सूत्रों के मुताबिक बीते हफ्ते पीएम ने अचानक उछाले गए धर्मांतरण के मुद्दे और खासतौर पर विहिप के रवैये पर संघ प्रमुख से नाराजगी जाहिर की थी। जबकि संघ अपने सुझाव और मांगों को तरजीह न मिलने से खफा था।

संघ सूत्रों के मुताबिक सरकार गठन के बाद उसकी ओर से सरकार के समक्ष मंत्रियों और सांसदों के स्टाफ में संघ से जुड़े लोगों को शामिल करने, नेहरू युवक केंद्र, यूजीसी, आईआईएमसी के अलावा केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शीर्ष पदों पर संघ समर्थकों को बिठाने का सुझाव दिया गया था।

इनमें से जहां सरकार ने एक भी मांग पर विचार नहीं किया, वहीं जम्मू-कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय में संघ विरोधी जेएल कौल को वीसी बना दिया। संघ ने सरकार-संघ-भाजपा में सामंजस्य बनाए रखने के लिए तंत्र खड़ा करने की मांग की थी। यह तंत्र फिलहाल निष्प्रभावी है।

मुसलमान और ईसाई विश्व युद्ध के खिलाड़ी : सिंघल

RSS Bhagwat-Singhal's statements put Governement's Economic planning in trouble

धर्मांतरण को लेकर मचे बवाल के बीच विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल ने कहा है कि दुनिया में ईसाई और मुसलमानों के कारण ही युद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम और ईसाई विश्व युद्ध के खिलाड़ी हैं लेकिन हिंदू इससे अलग हैं।

दुनिया में ऐसा हालात बन गए हैं कि विश्व युद्ध टल नहीं सकता। ऐसा लग रहा है कि विश्व युद्ध सामने ही है। उन्होंने कहा कि इस समय विश्व इस्लामिक आतंक के साये में है। विहिप के धर्मांतरण कराने के अभियान का बचाव करते हुए उन्होंने ने कहा कि हम धर्म परिवर्तन कराने नहीं दिल जीतने निकले हैं।

विकास के एजेंडे से कोई नहीं भटका सकता
भाजपा ने धर्मांतरण के मसले पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। कोई भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को उसके विकास के एजेंडे से भटका नहीं सकता है।
- अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed