बिहार में हार पर रार, भाजपा ने सबको दी 'क्लीन चिट'
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद भाजपा में हार का ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। हालांकि करारी हार पर मची रार के बीच भाजपा ने अपने अध्यक्ष अमित शाह के साथ-साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत और सहयोगी दलों को भी क्लीन चिट दे दी है।
पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक में महागठबंधन की जीत के लिए उनके सामाजिक समीकरण को जिम्मेदार मानते हुए पार्टी ने कहा कि जिस तरह जीत का श्रेय सामूहिक होता है, उसी तरह हार की जिम्मेदारी भी सामूहिक होती है।
पार्टी ने चुनाव के दौरान अपने बयानों से मुसीबत बढ़ाने वाले सांसदों शत्रुघ्न सिन्हा और आरके सिंह के खिलाफ यह कह कर तत्काल कार्रवाई न करने का संदेश दिया कि बैठक में इस पर विचार विमर्श नहीं हुआ।
संयमित भाषा बोलें नेता: जेटली
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हार का एक बड़ा कारण रहे बड़बोले बयानों को लेकर फिर नसीहत दी है। विजयवर्गीय की शत्रुघ्न की तुलना कुत्ते से करने संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं को संयमित भाषा बोलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य एजेंडा विकास है। ऐसी कोई बयानबाजी नहीं होनी चाहिए, जिससे इस एजेंडे से ध्यान भटकने की गुंजाइश बने।
हार का ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ने का खेल हुआ शुरू
बता दें कि बिहार में हार के बाद पार्टी नेताओं के निशाने पर आरक्षण की समीक्षा की मांग करने वाले संघ प्रमुख मोहन भागवत, प्रमुख रणनीतिकार और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से लेकर बगावती तेवर दिखाने वाले सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और आरके सिंह भी रहे।
पार्टी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने मोहन भागवत को यह कहते हुए जिम्मेदार ठहराया दिया कि उनके आरक्षण वाले बयान ने भाजपा की लुटिया डुबोई है। पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने सरकार और भाजपा नेतृत्व को हार के लिए कठघरे में खड़ा करने वाले सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की तुलना कुत्ते से कर दी।
वहीं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी सिन्हा पर हार की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की, जबकि सांसद चंदन मित्रा ने शाह की चुनाव प्रचार की रणनीति पर सवाल उठाए तो वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि विकास के मुख्य मुद्दे से ध्यान हटाने वाले पार्टी नेताओं के बयान हार का कारण बन गए।
सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने सीधे संघ प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा और कहा कि उनकी आरक्षण की समीक्षा की मांग से घबराए पिछड़े और दलित महागठबंधन के पक्ष में गोलबंद हो गए। चुनाव नतीजे आने के एक दिन बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संघ प्रमुख से मुलाकात कर करारी हार पर सफाई दी।
संघ ने हार पर झाड़ा पल्ला
गौरतलब है कि संघ पहले ही भाजपा की करारी हार से पल्ला झाड़ चुका है। इस बीच नेतृत्व ने पार्टी नेताओं को संघ पर हमला बोलने से बचने और बड़बोले बयानबाजी से बाज आने की नसीहत दी है।
उमा भारती ने अपने बयानों से लगातार पार्टी की किरकिरी कराने वाले सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शत्रुघ्न सरकार के खिलाफ पैकेज्ड साजिश का हिस्सा थे। गौरतलब है कि करारी हार के बाद निशाने पर आए शाह ने संघ प्रमुख से मिल कर उन्हें हार पर सफाई दी।
कहा जा रहा है कि इस दौरान भागवत ने आरक्षण विवाद पर पार्टी की भूमिका पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि भाजपा की ओर से उनकी राय का खंडन किए जाने से यह संकेत गया कि संघ वास्तव में आरक्षण खत्म करना चाहता है। खास बात यह है कि मतगणना के एक दिन पहले से दिल्ली में डेरा डाले बैठे भागवत से गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को ही मुलाकात कर ली थी।